बिहार सरकार की नई कृषि ड्रोन योजना से किसानों को लाभ
बिहार सरकार ने किसानों के हित में खेती को आधुनिक बनाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से एक नई कृषि ड्रोन छिड़काव योजना शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत, किसानों को कम लागत में अधिक फसल उत्पादन का अवसर मिलेगा। ड्रोन तकनीक का उपयोग कर फसलों पर कीटनाशक, फफूंदनाशक, खरपतवारनाशक, पादप वृद्धि नियामक और तरल उर्वरक जैसे नैनो यूरिया, नैनो DAP, NPK और सूक्ष्म पोषक तत्वों का सटीक और प्रभावी छिड़काव किया जाएगा। यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार लाएगी।
2024-25 में सफलतापूर्वक किया गया ड्रोन का उपयोग
बिहार कृषि विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस योजना की जानकारी साझा की है। विभाग के अनुसार, वर्ष 2024-25 में लगभग 27,666 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से फसलों का सफलतापूर्वक छिड़काव किया गया है। इस तकनीक से किसानों को अधिक लाभ मिल रहा है और खेती की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन रही है। सरकार की यह पहल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का एक बड़ा कदम है, जो कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
किसानों को मिलेगी सब्सिडी और ऑनलाइन आवेदन का अवसर
इस योजना के तहत किसानों को सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। निर्धारित छिड़काव शुल्क पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी, जिसमें अधिकतम ₹240 प्रति एकड़ तक का भुगतान सरकार करेगी। शेष राशि किसानों को देनी होगी। योजना का लाभ उठाने के लिए आवश्यक है कि किसान बिहार कृषि विभाग के DBT (Direct Benefit Transfer) पोर्टल पर पंजीकरण कराएं। किसान कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिससे योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच सके। यह पहल खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।











