मध्य प्रदेश में शहरी विकास की स्थिति पर कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने मोहन यादव सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्य में शहरी व्यवस्थाओं को कमजोर करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद बीजेपी (BJP) की सरकारें शहरों के मास्टर प्लान को लागू करने में असफल रही हैं।
शहरी योजनाओं और भ्रष्टाचार में सरकार की नाकामी
जयवर्धन सिंह ने मुख्यमंत्री यादव की नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के दो साल के कार्यकाल को शहरी विकास, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के संदर्भ में भी विफलता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का ढोल पीट रही है, जबकि हकीकत में ये सब खोखले हैं और जनता के भविष्य के साथ धोखा हैं।
मास्टर प्लान की विफलता और शहरी विकास में बाधाएँ
राघौगढ़ विधायक ने दावा किया कि बीजेपी के दो साल के कार्यकाल को उपलब्धियों का साल नहीं बल्कि शहरी संस्थानों को कमजोर करने, परियोजनाओं को रोकने, नौकरियों को छीनने और जनता को परेशान करने के साल के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निकायों में विकास रुक गया है और भोपाल तथा इंदौर जैसे प्रमुख शहरों में भी मास्टर प्लान लागू नहीं किया गया है।
साथ ही, उन्होंने भोपाल में विवादित 90-डिग्री फ्लाईओवर, रायसेन जिले में पुल गिरने की घटनाओं और मेट्रो के खंभों की कम ऊंचाई का हवाला देते हुए इन परियोजनाओं को करोड़ों रुपये की बर्बादी और जानलेवा भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया।
जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है, जिसमें जानबूझकर डिजाइन में कमियां छोड़ी जाती हैं ताकि बाद में सुधार के नाम पर बजट बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि निरीक्षण की कमी है और बड़े ठेकेदारों को संरक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने हाल ही में रद्द की गई उज्जैन लैंड पूलिंग योजना का भी जिक्र किया और कहा कि मुख्यमंत्री यादव ने इसे अपने निजी हितों को पूरा करने के लिए शुरू किया था, लेकिन कांग्रेस और किसानों के दबाव में इसे रद्द करना पड़ा।










