हरियाणा विधानसभा में प्रदूषण और सरकार की भूमिका पर तीखा हमला
अनुराग ढांडा ने हरियाणा विधानसभा के तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के सवालों से भाग रही है और विधानसभा को केवल औपचारिकता का मंच बना दिया गया है। जनता ने विधायकों को सवाल पूछने और समाधान खोजने के लिए चुना है, न कि केवल भाषण देने के लिए।
प्रदूषण की गंभीर स्थिति और सरकार की उदासीनता
हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए ढांडा ने बताया कि खासकर NCR (National Capital Region) से सटे जिलों में हवा जहरीली हो चुकी है। रोहतक, फरीदाबाद, पलवल, हिसार जैसे शहरों में सांस लेने में कठिनाई हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है, और अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। इसके बावजूद भाजपा सरकार और कांग्रेस विपक्ष दोनों इस जानलेवा संकट पर चुप्पी साधे हुए हैं।
राजनीतिक दलों की भूमिका और प्रदूषण का गंभीर प्रभाव
ढांडा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली और हरियाणा दोनों जगह बीजेपी सरकारें प्रदूषण के मुद्दे पर आंखें मूंदे बैठी हैं। जब साफ हवा की आवश्यकता होती है, तब सरकारें जिम्मेदारी से भाग रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए प्रदूषण अब केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि एक राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने यदि वास्तव में विपक्ष की भूमिका निभाई होती, तो सदन में प्रदूषण और बेरोजगारी पर जोरदार बहस होती। आम आदमी पार्टी का मानना है कि प्रदूषण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि जनता के जीवन और स्वास्थ्य का सवाल है, जिस पर राजनीति नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।











