बिहार के कटिहार में आईएएस अधिकारी की सख्त प्रशासनिक पहल
बिहार के कटिहार जिले में 2018 बैच के आईएएस अधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने अपने पदभार संभालते ही प्रशासन में कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया। जैसे ही उन्होंने जिलाधिकारी का पद ग्रहण किया, तुरंत ही जिले के प्रखंड और अंचल कार्यालयों का निरीक्षण करने निकल पड़े। इस दौरान वे फलका प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और वहां पैदल ही निरीक्षण शुरू कर दिया।
प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान फरियादी की मदद का प्रयास
इसी दौरान एक फरियादी युवक अचानक डीएम के सामने आ गया। फलका प्रखंड के पकड़िया दुर्गा मंदिर निवासी छोटू कुमार सिंह ने डीएम आशुतोष द्विवेदी के पीछे दौड़ लगाई और अधिकारियों व बॉडीगार्ड की मौजूदगी में उनके पैर पकड़कर रोने लगा। युवक ने जमीनी विवाद में न्याय की गुहार लगाते हुए भावुक हो गया। उसने कहा कि उस पर दया की जाए, नहीं तो वह आत्महत्या कर लेगा।
युवक की शिकायत और डीएम का समाधान प्रयास
छोटू कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय ने उसे धक्का देकर भगा दिया है। इस पर डीएम ने शांत स्वर में उससे कहा कि पहले वह अपना मामला बताए और रोना बंद करे। उन्होंने उसे सामान्य होकर बात करने की सलाह दी और निरीक्षण कार्य में आगे बढ़ गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया, जरूरी कागजातों की जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जमीनी विवाद का मामला और न्याय की उम्मीद
निरीक्षण के बाद जब डीएम वापस लौट रहे थे, तो उन्होंने प्रखंड परिसर में इंतजार कर रहे फरियादी युवक छोटू कुमार सिंह से मुलाकात की। उन्होंने युवक के जमीन से जुड़े दस्तावेज देखे। यह मामला आठ महीने से लंबित जमीनी विवाद से जुड़ा है, जिसमें युवक का दावा है कि उसके पक्ष में फैसला पहले ही हो चुका है, लेकिन नामांतरण की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है।
अंचल अधिकारी पर आरोप और न्याय की आस
छोटू कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि अंचल अधिकारी ने दूसरे पक्ष से मोटी रकम लेकर उसके पक्ष में काम करने से इनकार कर दिया। इस बीच, उसे पता चला कि नए डीएम फलका प्रखंड आ रहे हैं। न्याय की उम्मीद में वह उनके पास पहुंचा और भावुक होकर उनका पैर पकड़ लिया। डीएम ने कागजात देखने के बाद संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि मामले का शीघ्र निपटारा किया जाए। युवक ने बताया कि डीएम ने उसे भरोसा दिलाया है कि उसका काम पूरा कर दिया जाएगा, और अब वह न्याय की उम्मीद कर रहा है, अन्यथा वह आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा।









