दिल्ली में बंद हो चुके नोटों का जाल: पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
दिल्ली के वज़ीरपुर क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3.59 करोड़ रुपये के पुराने नोटों के साथ चार व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। इन आरोपियों ने इन नोटों को बेचने का प्रयास किया था, यह दावा करते हुए कि इन्हें रिज़र्व बैंक (RBI) में बदला जा सकता है। पुलिस अभी भी आशीष और तरुण की तलाश कर रही है, जो इस गिरोह के मुख्य सदस्य हो सकते हैं।
मामले की जांच और जब्ती कार्रवाई
एक पुलिस सूत्र ने बताया कि मौके से कई संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से नोटों से भरे बैग बरामद हुए हैं। साथ ही, इन नोटों को ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई दो गाड़ियों को भी जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन नोटों की मात्रा पुरानी और संदिग्ध स्रोत से आई हुई प्रतीत हो रही है। पुलिस इन नोटों के स्रोत और नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।
धोखाधड़ी का प्रयास और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से चार को जेल भेजा गया है, जिन्होंने बंद हो चुके ₹500 और ₹1000 के नोटों को कम कीमत पर बेचने का प्रयास किया था। आरोपियों का दावा था कि ये नोट RBI में बदले जा सकते हैं। पुलिस ने शालीमार बाग मेट्रो स्टेशन के पास से इन चारों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करोड़ों रुपये के पुराने नोट जब्त किए गए हैं।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (नॉर्थ वेस्ट) ने बताया कि यह गिरोह लोगों को धोखे से कम कीमत पर पुराने नोट बेच रहा था और यह भी झूठा दावा कर रहा था कि आधार कार्ड दिखाकर नोट बदले जा सकते हैं। इन आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ स्पेसिफाइड बैंक नोट्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इनकी आगे की जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।










