रूस-भारत के बीच बड़ा सैन्य समझौता मंजूर
व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से ठीक पहले रूस की संसद में एक महत्वपूर्ण घोषणा हुई है, जिसने दोनों देशों के रक्षा संबंधों को नई दिशा दी है। रूस की स्टेट ड्यूमा ने भारत और रूस के बीच एक व्यापक सैन्य सहयोग समझौते को स्वीकृति दी है, जिसमें भारत को रूस के सैन्य बेस का उपयोग करने का अधिकार प्राप्त होगा। इस समझौते के अंतर्गत भारत अपने जंगी जहाज और लड़ाकू विमानों को रूस के सैन्य अड्डों पर तैनात कर सकता है।
सामरिक सहयोग का विस्तार और संभावनाएं
यह समझौता भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ ही संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों को भी शामिल करता है। खास बात यह है कि यदि आवश्यक हो, तो भारत रूस के सैन्य स्थलों का इस्तेमाल किसी भी गंभीर स्थिति या युद्ध के दौरान भी कर सकता है। रूस की सरकार का कहना है कि इससे दोनों देशों के हवाई क्षेत्र और बंदरगाहों का उपयोग आसान हो जाएगा, और दोनों देश एक-दूसरे के युद्धपोत, विमानों और सैनिकों की आवाजाही में मदद कर सकेंगे।
आर्थिक और सुरक्षा संबंधों में नई पहल
रूस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह भारत की व्यापार घाटे की चिंताओं को समझता है और इस दिशा में मिलकर काम कर रहा है। प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है, जिसमें डॉलर आधारित भुगतान प्रणाली का राजनीतिक हथियार के रूप में प्रयोग न हो। इस समझौते का नाम है रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक सपोर्ट, जो दोनों देशों के बीच सामरिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देगा।











