दिल्ली में पुतिन की यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था का अभूतपूर्व स्तर
वर्तमान में दिल्ली में सुरक्षा का ऐसा जाल बिछाया गया है, जो सामान्यतया राजधानी में देखने को नहीं मिलता। इसका कारण है रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिवसीय आधिकारिक दौरा, जिसके चलते शहर की सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत कड़ा कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान दिल्ली में एक व्यापक और अत्याधुनिक मल्टी-ग्रिड सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। यह सुरक्षा कवच अपने आप में अनूठा और अभूतपूर्व माना जा रहा है। रूस की खुफिया एजेंसियों और भारतीय सुरक्षा बलों ने मिलकर पिछले कई दिनों से सुरक्षा की हर परत का बारीकी से परीक्षण किया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और तकनीकी निगरानी का जाल
राष्ट्रपति के ठहरने के स्थान पर सुरक्षा के सबसे कठोर प्रबंध किए गए हैं। अंदरूनी सुरक्षा का जिम्मा रूस की एजेंसियों के हाथ में है, जबकि बाहरी सुरक्षा का जिम्मा दिल्ली पुलिस, स्पेशल कमांडो, SWAT टीम, एंटी-टेरर स्क्वॉड (ATS) और क्विक रिएक्शन टीम (QRT) संभाल रही हैं।
साथ ही, इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाने के लिए ड्रोन सिस्टम और CCTV का इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर की निरंतर निगरानी के लिए AI-आधारित इंटेलिजेंस सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है, ताकि रियल-टाइम में किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता चल सके।
सभी सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी और हाई-टेक निगरानी
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को विशेष तैनाती दी गई है। NSG का एंटी-ड्रोन सिस्टम कई संवेदनशील स्थानों पर सक्रिय है। सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान चौबीसों घंटे निगरानी बनी रहे और किसी भी चूक की संभावना न हो।
कुल मिलाकर, दिल्ली इस समय एक हाई-टेक सुरक्षा घेरे में है, जहां हर कैमरा और हर टीम का एक ही लक्ष्य है: “पुतिन की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाना।”











