बिहार में सड़क सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए गए
बिहार सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर अपनी नीति में बदलाव करते हुए परिवहन विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई चार पहिया या भारी वाहन दो दिनों से अधिक समय तक सड़क किनारे खड़ा पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना, वाहन जब्ती और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन जैसी सख्त सजा शामिल हैं।
सड़क पर खड़े वाहनों से होने वाली मौतों को रोकने का प्रयास
यह कदम केवल नियमों को कठोर बनाने के लिए नहीं है, बल्कि सड़क पर खड़े वाहनों के कारण होने वाली मौतों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। खासतौर पर सर्दियों में कोहरे के दौरान हाईवे पर खड़ी ट्रकें और कारें “साइलेंट किलर” बन जाती हैं। कम दृश्यता के कारण पीछे से आ रहे वाहन इन खड़ी वाहनों को नहीं देख पाते और गंभीर हादसे हो जाते हैं। हर साल इन हादसों में दर्जनों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इस बार विभाग ने तय किया है कि इस खतरनाक सिलसिले को खत्म किया जाएगा।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश और सड़क सुरक्षा का महत्व
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि हाईवे और मुख्य सड़कों पर खड़े संदिग्ध या लंबे समय से पार्क वाहनों की तुरंत पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकार का मकसद है कि सड़क पर खड़ा कोई भी वाहन उतना ही खतरनाक है जितना तेज रफ्तार से दौड़ती गाड़ी। इसलिए सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए यह जरूरी है कि खड़े वाहनों को तुरंत हटाया जाए। यह पहल सड़क सुरक्षा अभियान को नई दिशा दे सकती है, क्योंकि यदि लोग अपनी गाड़ियों को सड़क पर छोड़ने की आदत छोड़ देते हैं, तो हादसों में निश्चित ही कमी आएगी। सरकार का मानना है कि नियमों का पालन केवल जुर्माने के डर से नहीं, बल्कि जागरूकता के साथ होना चाहिए।











