हरियाणा के DGP के बयान पर विवाद बढ़ा
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओ.पी. सिंह के उस बयान ने विवाद को जन्म दिया है, जिसमें उन्होंने महिंद्रा थार और बुलेट बाइक मालिकों को लेकर ‘क्रिमिनल माइंडसेट’ का जिक्र किया था। इस टिप्पणी को लेकर गुरुग्राम के एक थार मालिक ने कानूनी नोटिस भेजकर इसे अपमानजनक और आधारहीन बताया है। इस नोटिस में सार्वजनिक माफी और बयान वापस लेने की मांग की गई है। कई लोगों ने इसे सामान्यीकरण करार देते हुए आलोचना की है।
थार मालिक ने कानूनी नोटिस में क्या कहा
अपने वकील के माध्यम से भेजे गए नोटिस में, शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2023 में 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली महिंद्रा थार खरीदी थी। उनका कहना है कि इस वाहन को उन्होंने सुरक्षा, मजबूत बनावट और भरोसेमंद प्रदर्शन के कारण चुना था, न कि किसी दिखावे के लिए। नोटिस में यह भी कहा गया है कि DGP का बयान न केवल तथ्यहीन है बल्कि सभी थार मालिकों का अपमान भी है।
बयान का मीडिया और सामाजिक प्रभाव
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बयान देने के तुरंत बाद मौजूद मीडिया कर्मियों ने हंसना शुरू कर दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह टिप्पणी मजाक के तौर पर की गई थी। इसके बाद उनके रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों ने इस टिप्पणी के बारे में पूछा, जिससे उन्हें मानसिक तनाव और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। शिकायतकर्ता ने कहा कि इस बयान का उनके सामाजिक जीवन और व्यक्तिगत छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
थार मालिकों की प्रतिष्ठा पर पड़ा असर
नोटिस में यह भी कहा गया है कि DGP पद पर रहते हुए उनके शब्दों का व्यापक प्रभाव होता है, और इस तरह की टिप्पणी से थार मालिकों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। शिकायतकर्ता ने इसे मानहानि का मामला बताते हुए DGP से 15 दिनों के भीतर बिना शर्त माफी और बयान वापस लेने की मांग की है। इस मामले पर पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला अब सोशल मीडिया और थार गाड़ी चलाने वालों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।











