भारत की कड़ी चेतावनी और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में चेतावनी दी कि यदि इस्लामाबाद सरकार प्रायोजित आतंकवाद को समर्थन देना जारी रखता है, तो उसे विश्व मानचित्र से मिटा दिया जाएगा। इस बयान के कुछ ही दिनों बाद, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने धमकी दी कि भारत अपने लड़ाकू विमानों के मलबे के नीचे दफन हो जाएगा। आसिफ की यह टिप्पणी भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना के शीर्ष अधिकारियों के पाकिस्तान को किसी भी तरह के दुस्साहस से सावधान करने के बाद आई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भारतीय सुरक्षा बलों के नेताओं के कठोर बयानों की निंदा भी की।
आसिफ का आरोप और पाकिस्तान का दावा
आसिफ ने कहा कि भारतीय सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के बयान उनकी खोई हुई विश्वसनीयता को पुनः स्थापित करने का असफल प्रयास हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मई में शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत पर दबाव बनाने के लिए यह बयान दिए गए हैं। आसिफ ने कहा कि भारतीय नेताओं का यह कदम उनकी धूमिल प्रतिष्ठा को सुधारने का प्रयास है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि भारत फिर से कोशिश करता है, तो परिणाम पहले से बेहतर होंगे, हालांकि उन्होंने 0-6 के स्कोर का स्पष्ट अर्थ नहीं बताया। यह स्कोर संभवतः ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान द्वारा छह भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने के दावों से जुड़ा है, जिनके समर्थन में इस्लामाबाद ने कोई सबूत नहीं दिए हैं।
सामरिक घटनाक्रम और भविष्य की आशंकाएं
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद चार दिनों तक तीव्र झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई के अंत के साथ समाप्त हुईं। भारत का दावा है कि मई में पाकिस्तान ने भारतीय बमबारी के बाद शत्रुता समाप्त करने का अनुरोध किया था। 4 अक्टूबर को सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि वह अपने आतंकवाद को प्रायोजित करना बंद नहीं करता, तो उसे विश्व मानचित्र से मिटा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार भारत पहले से अधिक कठोर कदम उठाएगा और पाकिस्तान को सोचने पर मजबूर कर देगा कि वह इस क्षेत्र में बना रहना चाहता है या नहीं।











