पाकिस्तान की सुरक्षा को लेकर नई चेतावनी
एक महत्वपूर्ण खबर ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अफगानिस्तान का तालिबान लाहौर में बम धमाका कर सकता है, और यह कोई कल्पना नहीं बल्कि एक गंभीर खतरा है। इस बयान ने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह संकेत देता है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव और खतरनाक स्थिति बढ़ रही है।
तालिबान की धमकियों और पाकिस्तान की सुरक्षा चुनौतियां
सालेह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर अपने संदेश में कहा कि तालिबान ने पाकिस्तान के भीतर बड़े पैमाने पर बम विस्फोट और आतंकवादी हमले करने की धमकी दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये धमकियां महज दिखावा नहीं हैं, बल्कि तालिबान ने अपने अनुभव और क्षमता का प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया है कि वह शहरी इलाकों में भी आतंक फैलाने में सक्षम हैं। 2017 के काबुल बम विस्फोट का उदाहरण देते हुए, उन्होंने बताया कि उस घटना में 700 से अधिक लोग मारे गए या घायल हुए थे, जो अफगानिस्तान के सबसे खतरनाक आतंकी हमलों में से एक थी।
खुफिया एजेंसियों और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा
सालेह ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को समझना चाहिए कि उसके प्रशिक्षित कार्यकर्ता अब कट्टरपंथी और अप्रत्याशित तत्व बन चुके हैं। यह टिप्पणी तब आई है जब अफगानिस्तान में तालिबान के प्रशासन और पाकिस्तान सरकार के बीच तनाव बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पैदा हो रहा है। पूर्व में भी, जब वह अफगान खुफिया एजेंसी एनडीएस के प्रमुख थे, उन्होंने तालिबान और पाकिस्तान के संबंधों को उजागर किया था। 2021 में, जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया, तब उन्होंने खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर अफगानिस्तान के लिए लड़ने का संकल्प लिया। उनका मानना है कि तालिबान अब पाकिस्तान की बनाई हुई एक परियोजना है, और अब जब वे लाहौर में धमाका करने की बात कर रहे हैं, तो यह क्षेत्र में शक्ति का संतुलन बदलने का संकेत है।











