रूस-चीन के बीच मजबूत साझेदारी का वर्तमान दौर
रूसी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग के बीच हुई बैठक का उल्लेख किया है, जिसे दोनों देशों के बीच सहयोग के सबसे मजबूत चरण के रूप में वर्णित किया गया है। इस बयान में दोनों देशों के बीच राजनयिक, रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। 18 नवंबर को हुई इस बैठक ने इस बढ़ते संबंध को स्पष्ट रूप से दर्शाया।
शंघाई सहयोग संगठन में रूस-चीन का बढ़ता सहयोग
पुतिन ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के अंतर्गत रूस और चीन का घनिष्ठ सहयोग वैश्विक बहुध्रुवीय व्यवस्था के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है। यह संगठन वैश्विक दक्षिण के देशों को अपने साथ जोड़ने और एक खुली, भेदभाव रहित वैश्विक व्यापार प्रणाली को प्रोत्साहित करने में मदद कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष SCO शासनाध्यक्षों की परिषद में किए गए प्रयासों का परिणाम तियानजिन में आयोजित शिखर सम्मेलन में देखने को मिला, जो सफल रहा।
पुतिन और शी जिनपिंग के बीच संबंधों का इतिहास और आर्थिक प्रगति
पुतिन ने अपनी पिछली मुलाकातों में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बिताए गए समय को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उस खूबसूरत और आधुनिक चीनी शहर की यात्रा की यादें ताजा हैं, साथ ही तियानजिन और बीजिंग में आयोजित स्मारक कार्यक्रमों के दौरान हुई बातचीत भी उनके मन में ताजा हैं। उन्होंने शी जिनपिंग को शुभकामनाएँ भी प्रेषित की। पुतिन ने कहा कि रूस-चीन के संबंध अब एक नए युग में प्रवेश कर चुके हैं और अपने इतिहास के सबसे अच्छे दौर से गुजर रहे हैं। इन संबंधों का आधार समानता, पारस्परिक लाभ और दोनों देशों के हितों का सम्मान है, जो किसी के विरुद्ध नहीं हैं।
आर्थिक क्षेत्र में, पुतिन ने बताया कि 2024 में रूस और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं, जो दोनों देशों के संबंधों के इतिहास में सबसे उच्च स्तर पर हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने दीर्घकालिक योजनाओं के अनुरूप व्यापार सहयोग को मजबूत बनाएंगे और बाहरी नकारात्मक प्रभावों से अपने आर्थिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।











