इज़राइल में पहली बार ऑस्ट्रेलियाई यहूदी परिवार का आगमन
सिडनी (Sydney) से ट्रेवर, दलित माता-पिता और बेटी आशीरा का परिवार गुरुवार को बेन गुरियन (Ben Gurion) हवाई अड्डे पर पहुंचा। यह परिवार 2026 में इज़राइल में आने वाला पहला ऑस्ट्रेलियाई यहूदी परिवार बन गया है। पश्चिमी देशों से यहूदी प्रवास में बढ़ोतरी के संकेत इस बात को स्पष्ट करते हैं कि इज़राइल में प्रवास का रुझान तेज़ी से बढ़ रहा है। उतरते ही, आप्रवासन और आत्मसात मंत्री ओफिर सोफर (Ofir Sofer) ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, उन्हें इज़राइली पहचान पत्र प्रदान किए और उनके नए जीवन की शुरुआत का शुभारंभ किया।
परिवार का इज़राइल में स्वागत और प्रवास का महत्व
परिवार के बेटे लेवी सैक्स (Levi Sachs) पहले ही इज़राइल आ चुके थे और उन्होंने रक्षा बलों (IDF) में भर्ती भी कर ली है। सोफर ने कहा कि सैक्स परिवार का इज़राइल में प्रवास का निर्णय विशेष रूप से उनके बेटे की आईडीएफ (IDF) में सेवा के कारण बहुत ही सकारात्मक और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि हम ऑस्ट्रेलियाई यहूदियों के लिए इज़राइल में प्रवास को आसान बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं और इस दिशा में पहले ही कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुके हैं।
प्रवासियों की संख्या में बढ़ोतरी और वैश्विक प्रवास पैटर्न में बदलाव
सैक्स परिवार के आने के साथ ही 2025 में इज़राइल में बसने वाले प्रवासियों की संख्या में और वृद्धि हुई है, जो लगभग 22,000 तक पहुंच गई है। केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (CBS) के अनुसार, पिछले वर्ष करीब 21,900 लोग इज़राइल आए, जो पिछले साल की तुलना में लगभग एक तिहाई अधिक है। इस प्रवास पैटर्न में बदलाव का संकेत देते हुए, रूस और यूक्रेन (Russia and Ukraine) से आने वाले प्रवासियों की संख्या आधी हो गई है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका (US), यूनाइटेड किंगडम (UK) और फ्रांस (France) से आने वाले प्रवासियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। CBS की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी अमेरिका (North America) से आने वाले प्रवासियों में 13 प्रतिशत और फ्रांस से आने वालों में 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी देशों में बढ़ते यहूदी-विरोधी रवैये को माना जा रहा है।











