भारत ने पाकिस्तान की अयोध्या पर टिप्पणी की निंदा की
भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के उस बयान की कठोर आलोचना की जिसमें उसने अयोध्या के राम मंदिर पर पवित्र ध्वज फहराने को लेकर नकारात्मक टिप्पणी की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को दूसरों को नैतिक उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान के “कट्टरता, दमन और अल्पसंख्यकों के साथ व्यवस्थित दुर्व्यवहार” के गहरे दागदार रिकॉर्ड का उल्लेख किया। भारत ने इन रिपोर्ट की गई टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
पाकिस्तान का रुख और भारत की प्रतिक्रिया
मंगलवार को अयोध्या में आयोजित धार्मिक समारोह पर पाकिस्तान के इस्लामाबाद के रुख का कड़ा विरोध किया गया। जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के पास दूसरों को उपदेश देने का नैतिक आधार नहीं है, क्योंकि उसके अपने “गहरे दागदार” मानवाधिकार रिकॉर्ड” हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में ध्वजारोहण की घटना को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास बताया और इसे इस्लामोफोबिया तथा “विरासत के अपमान” का उदाहरण माना। इस बयान में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस का भी जिक्र किया गया। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ अपनी बेबुनियाद बयानबाजी जारी रखी और भारतीय सरकार तथा न्यायपालिका पर हमला बोला, जिन्होंने राम मंदिर के निर्माण की अनुमति दी।
प्रधानमंत्री मोदी का अयोध्या में ध्वजारोहण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भव्य ध्वजारोहण समारोह में राम मंदिर के ऊपर पवित्र भगवा ध्वज फहराया। यह आयोजन श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्रतिष्ठापन के एक वर्ष से अधिक समय बाद पूरी तरह से सम्पन्न होने का प्रतीक है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए इस पल को भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताया।











