पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई और सीमा संघर्ष विराम का उल्लंघन
अफ़ग़ान अधिकारियों ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान ने शुक्रवार की रात अफ़ग़ानिस्तान में हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम दस लोगों की जान गई। इस घटना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है, जो सीमा पर दो दिनों से स्थिर था। 48 घंटे का यह संघर्ष विराम लगभग एक सप्ताह से चल रहे हिंसक सीमा संघर्षों को रोकने में मदद कर रहा था, जिसमें दोनों पक्षों के दर्जनों सैनिक और नागरिक घायल या मारे गए थे।
सीमा पर संघर्ष विराम और हिंसक घटनाएं
यह संघर्ष विराम सीमा पर शांति स्थापित करने का प्रयास था, लेकिन पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमले ने फिर से तनाव को बढ़ा दिया है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है, और सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस बीच, अफ़ग़ानिस्तान ने इस घटना की निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति बनाए रखने की अपील की है।
खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादियों के खिलाफ सफल अभियान
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत में एक आत्मघाती हमले को नाकाम कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान चार आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें आत्मघाती हमलावर भी शामिल था। आतंकवादियों ने उत्तरी वजीरिस्तान जिले के मीर अली क्षेत्र में सुरक्षा बलों के शिविर को निशाना बनाने का प्रयास किया था, जब एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन को सुरक्षा दीवार से टकराया, जिससे जोरदार धमाका हुआ।
सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई और आतंकवादियों का सफाया
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में कोई भी सैनिक हताहत नहीं हुआ है। साथ ही, उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इस अभियान में चारों आतंकवादी मारे गए हैं। बाजौर जिले में भी इसी तरह की एक घटना में, सुरक्षा बलों ने विस्फोटकों से लदे वाहन को गोलीबारी कर नष्ट कर दिया, जिससे बड़े आतंकवादी प्रयास को विफल कर दिया गया। इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
सुरक्षा अभियानों में आतंकवादियों का सफाया और तटीय कार्रवाई
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पिछले दो दिनों में पूरे क्षेत्र में चलाए गए अभियानों के दौरान 88 आतंकवादियों को मार गिराया है, जिनका संबंध कथित तौर पर अफगान तालिबान (Taliban) से था। सेना ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा के अलावा वजीरिस्तान और बन्नू जिलों में भी कई आतंकवादियों को निशाना बनाया गया। विशेष रूप से, प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के 34 आतंकवादियों को मारा गया है, जो नवंबर 2022 में सरकार के साथ संघर्ष विराम समाप्त करने के बाद से पाकिस्तान में हिंसा में वृद्धि का कारण बने हैं।
आतंकवाद के खिलाफ अभियान और क्षेत्रीय सुरक्षा
पाकिस्तान की सेना ने कहा कि इन अभियानों का उद्देश्य आतंकवादियों को खत्म करना और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है। इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप, आतंकवादी गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है। विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में आतंकवादी हमलों की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जो प्रतिबंधित समूहों की सक्रियता को दर्शाता है।











