भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों में नई दिशा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को दिल्ली में अपने कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने बताया कि दोनों पक्ष लगातार अपने संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहे हैं। यह बैठक 26 मई को हुई टेलीफोन बातचीत के बाद हुई है, जो दोनों देशों के बीच रचनात्मक संवाद का संकेत है। पिछले दो महीनों में भारत-कनाडा संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है, और दोनों देश अपने सहयोग को पुनः स्थापित करने के लिए प्रयासरत हैं।
संबंधों को मजबूत बनाने के लिए रणनीतिक प्रयास
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों को अपने प्रधानमंत्रियों की अपेक्षाओं और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह जिम्मेदारी केवल अपने-अपने क्षेत्र में पहल करने की नहीं है, बल्कि सरकार के समग्र कार्यक्षेत्र में परस्पर समन्वय और निगरानी भी आवश्यक है। भारत और कनाडा मिलकर वैश्विक आर्थिक स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए मजबूत साझेदारी बनाने का लक्ष्य रखते हैं। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है।
आगे की योजना और क्षेत्रीय सहयोग
जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों ने एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है, जिसमें असैन्य परमाणु सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, खनिज संसाधन और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। इस बैठक में दोनों उच्चायुक्तों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन शुरू कर दिया है और दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस रणनीतिक साझेदारी से भारत और कनाडा दोनों को वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।











