बलूचिस्तान का पाकिस्तान और अमेरिका के खिलाफ बड़ा कदम
बलूचिस्तान ने हाल ही में पाकिस्तान और अमेरिका के खिलाफ एक महत्वपूर्ण और शक्तिशाली प्रतिक्रिया दी है। यह घटना तब हुई जब पाकिस्तान ने पहली बार अमेरिका को बलूचिस्तान से निकाली गई रेर अर्थ मेटल्स की छोटी सी खेप भेजी। यह खेप बलूचिस्तान से ही लूटी गई थी। ज्ञात हो कि कुछ समय पहले ही अमेरिका की एक कंपनी ने पाकिस्तान के साथ 50 करोड़ डॉलर का व्यापार समझौता किया था, जिसके तहत बलूचिस्तान के खनिज संसाधनों को अमेरिका खरीदेगा। इस समझौते के अंतर्गत पाकिस्तान ने पहली खेप अमेरिका पहुंचाई, लेकिन बलूच लिबरेशन आर्मी ने अपने विरोध स्वरूप ऐसा हमला किया, जो दोनों देशों के लिए चेतावनी का संकेत है।
जाफर एक्सप्रेस पर हमला और उसकी रणनीति
बलूच लिबरेशन आर्मी ने एक बार फिर जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाया है। इस बार हमला अत्यंत रणनीतिक और प्रभावशाली था। यह ट्रेन खैबर पख्तूनख्वा से निकलकर बलूचिस्तान के कोएटा की ओर जा रही थी, लेकिन इसे तब उड़ा दिया गया जब यह सिंध प्रांत के सुल्तानकोट पहुंची। खास बात यह है कि इस हमले में पाकिस्तान के तीन प्रांत शामिल हैं-सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान। यह सीधे तौर पर पाकिस्तान को चेतावनी है कि यदि अमेरिका बलूचिस्तान में कदम रखता है, तो इसका जवाब तीन दिशाओं से मिलेगा। बलूचों, पश्तूनों और सिंधियों ने पहले ही मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ संघर्ष शुरू कर दिया है, और यह हमला उसी का संकेत है।
पोर्ट विकास और क्षेत्रीय तनाव का संकेत
बलूचिस्तान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि पाकिस्तान ने अमेरिका को पसनी पोर्ट के विकास की अनुमति दी, तो उसका परिणाम गवादर से भी बुरा होगा। बलूच नेताओं का कहना है कि जब चीन गवादर पोर्ट नहीं बना पाया, तो अमेरिका कैसे सफल हो सकता है? ज्ञात हो कि असीसीम मुनीर ने बलूचिस्तान के गवादर पोर्ट को चीन को सौंपने के बाद, अब पसनी पोर्ट को अमेरिका को देने का प्रस्ताव रखा है। यह पोर्ट भारत के नजदीक है, जो क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है।
आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियां
पिछले कुछ महीनों में क्वेटा और पेशावर के बीच चलने वाली जाफर एक्सप्रेस पर कई हमले हुए हैं। मार्च में हुए हमले को सबसे भीषण माना गया, जिसमें कई यात्रियों की जान गई। सितंबर में मस्तुंग के दश्त इलाके में रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ, जिसमें एक डिब्बा क्षतिग्रस्त हो गया और 12 यात्री घायल हो गए। 11 मार्च को जाफर एक्सप्रेस को बंधक बनाकर आतंकवादियों ने 26 लोगों को मार डाला, जिनमें सुरक्षा कर्मी भी शामिल थे। सुरक्षा बलों ने इस हमले में 33 आतंकवादियों को मार गिराया और 354 बंधकों को मुक्त कराया। ये हमले जातीय बलूच आतंकवादी समूहों द्वारा किए जाते हैं, जो क्षेत्र में अपनी स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ रहे हैं।











