इज़राइल ने स्वीडिश कार्यकर्ताओं को वापस भेजा
इज़राइल ने सोमवार को घोषणा की कि स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और गाजा सहायता अभियान में शामिल 170 से अधिक कार्यकर्ताओं को ग्रीस और स्लोवाकिया लौटाया गया है। इन कार्यकर्ताओं को पहले भी गाजा में सहायता पहुंचाने और इज़राइल द्वारा लागू नौसैनिक नाकेबंदी को चुनौती देने के दौरान हिरासत में लिया गया था।
विदेश मंत्रालय का बयान और कार्यकर्ताओं का स्थानांतरण
इज़राइली विदेश मंत्रालय ने बताया कि इन कार्यकर्ताओं को सोमवार को इज़राइल से ग्रीस और स्लोवाकिया भेजा गया है। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि इन निर्वासित लोगों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं, जिनमें स्वीडन, पोलैंड, जर्मनी, फ्रांस, आयरलैंड, ऑस्ट्रिया, लक्ज़मबर्ग, फिनलैंड, डेनमार्क, स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, यूके, सर्बिया, और अमेरिका के नागरिक भी हैं।
कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोप और फर्जी खबरें
इज़राइल ने यह भी कहा कि इन कार्यकर्ताओं को भेजने की प्रक्रिया में उनके सभी कानूनी अधिकार सुरक्षित रखे गए हैं और आगे भी रहेंगे। साथ ही, मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इन कार्यकर्ताओं द्वारा फैलाए गए झूठे समाचार अभियान का उद्देश्य भ्रम फैलाना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हिंसक घटना केवल एक उकसावे वाले व्यक्ति की ओर से हुई, जिसने जेल में एक महिला चिकित्सा कर्मचारी को काट लिया। इससे पहले, यह खबरें आई थीं कि ग्रेटा और अन्य कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया, जिसमें कहा गया कि ग्रेटा को उनके बालों से खींचा गया और उन्हें इज़राइली झंडा पहनने के लिए मजबूर किया गया।











