भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ रहा है
एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने टेरिफ को हथियार बनाकर विश्वभर में धमकियां दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत ने भी अपने हितों की रक्षा के लिए कड़ा जवाब दिया है। ट्रंप के द्वारा यूरोपीय देशों को धमकाने के साथ-साथ ग्रीनलैंड में टेरिफ लगाने की चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इस बीच भारत ने अपने दावों को मजबूत करने के लिए दालों पर लगाए गए टैरिफ को बढ़ाकर जवाब दिया है, जिससे अमेरिका में हलचल मच गई है।
सेनेटरों ने भारत से टैरिफ हटाने की मांग की
अमेरिकी कांग्रेस के सेनेटरों ने भारत द्वारा दालों पर लगाए गए 30 प्रतिशत टैरिफ को हटाने की मांग उठाई है। इन चुने हुए प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक पत्र लिखकर भारत के साथ व्यापार समझौते में दलहन फसलों के लिए अनुकूल प्रावधान शामिल करने का आग्रह किया है। इस पत्र में विशेष रूप से अमेरिकी पीली मटर पर लगाए गए टैरिफ को समाप्त करने की बात कही गई है। नॉर्थ डकोटा और मॉनटाना जैसे राज्यों में मटर और अन्य दलहन फसलों का उत्पादन सबसे अधिक होता है, और इन राज्यों के प्रतिनिधि भारत में उच्च गुणवत्ता वाली दालों के आयात पर लगने वाले टैरिफ को नुकसान मानते हैं।
टैरिफ विवाद के बीच व्यापारिक बातचीत तेज
यह मांग ऐसे समय आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। अमेरिकी सांसदों का मानना है कि भारत ने 30 अक्टूबर 2025 को पीली मटर पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जो 1 नवंबर 2025 से प्रभावी हो चुका है। अमेरिकी प्रतिनिधि इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उच्च टैरिफ से उनके किसानों को भारतीय बाजार में अपने उत्पाद बेचने में कठिनाई हो रही है। इस विवाद के चलते अमेरिका में यह चर्चा तेज हो गई है कि ट्रंप प्रशासन को भारत से बातचीत करनी चाहिए और दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को कम करना चाहिए।











