डोनाल्ड ट्रंप का भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को फिर से अपने उस दावे को दोहराया है कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष को उन्होंने समाप्त कराया। उन्होंने यह भी कहा कि अपने व्यापार समझौतों और टैरिफ (शुल्क) की धमकियों का इस्तेमाल कर उन्होंने विश्व स्तर पर युद्धों और संघर्षों को खत्म करने का प्रयास किया है। हालांकि, उनके इस दावे का समर्थन करने वाले आंकड़े लगातार बदलते रहे हैं।
सिंदूर ऑपरेशन के दौरान कथित हवाई संघर्ष का दावा
मियामी में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आठ विमानों को मार गिराया गया था। उन्होंने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब वे भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को खत्म करने की कोशिश कर रहे थे। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यह दावा उस समय सुना जब वे दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे थे।
सामरिक संघर्ष और व्यापार का संबंध
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक दोनों देश शांति पर सहमत नहीं हो जाते, तब तक वह कोई व्यापार समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ने इनकार किया कि उनके बीच कोई युद्ध चल रहा है, लेकिन ट्रंप का मानना है कि यह संघर्ष परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्रों के बीच गंभीर है। उन्होंने यह भी बताया कि टैरिफ (शुल्क) की धमकियों के कारण ही दोनों देशों के बीच तनाव कम हुआ और शांति स्थापित हुई।
अमेरिकी राष्ट्रपति का संघर्ष समाधान का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने कोसोवो और सर्बिया, कांगो और रवांडा जैसे कई लंबे समय से चल रहे युद्धों को समाप्त कराया है। उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच भी उन्होंने संघर्ष को खत्म करने में मदद की। ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने इन संघर्षों को समाप्त करने के लिए वाशिंगटन में मध्यस्थता की थी, जिसके बाद दोनों देशों ने ”पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम” पर सहमति जताई।
सामरिक मामलों में अमेरिकी भूमिका
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजराइल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, आर्मेनिया और अजरबैजान, साथ ही कंबोडिया और थाईलैंड के बीच भी संघर्षों को सुलझाने में मदद की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में चीन, जापान और मलेशिया के साथ किए गए आर्थिक समझौते सभी के लिए लाभकारी हैं। ट्रंप का मानना है कि इन सभी प्रयासों का मुख्य उद्देश्य विश्व में स्थिरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।











