मध्य पूर्व में संघर्ष में उम्मीद की किरण
मध्य पूर्व में जारी हिंसक संघर्ष के समाप्त होने के संकेत मिलने लगे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति की आशाएं जगी हैं। आशा है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। इस बीच, गाजा पट्टी से आई एक महत्वपूर्ण खबर ने विश्व का ध्यान आकर्षित किया है। खबर है कि हमास ने पहली बार अमेरिका को संकेत दिया है कि वह हथियार छोड़ने और गाजा का प्रशासन संयुक्त रूप से संभालने के लिए तैयार है। यह प्रस्ताव कतर की मध्यस्थता में ट्रंप के शांति प्रयासों के तहत सामने आया है।
हमास का संयुक्त शासन का प्रस्ताव और अमेरिका की प्रतिक्रिया
पूर्व में ट्रंप प्रशासन ने हमास को चेतावनी दी थी कि यदि वे सत्ता नहीं छोड़ते हैं, तो उन्हें पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। लेकिन अब, कतर के राजनयिक सूत्रों के अनुसार, हमास ने अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत के माध्यम से संकेत दिया है कि वह गाजा से हथियार हटाने और शासन छोड़ने पर विचार कर रहा है। इस प्रस्ताव के अनुसार, गाजा का नियंत्रण एक संयुक्त प्रशासन को सौंपा जाएगा, जिसमें मिस्र और फिलिस्तीनी प्राधिकरण दोनों की भागीदारी होगी।
मिस्र की भूमिका और संभावित वार्ता
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह इजराइल और हमास के प्रतिनिधियों की मेजबानी करेगा, जिसमें फलस्तीनी कैदियों के बदले इजरायली बंधकों के आदान-प्रदान पर चर्चा होगी। एक अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ भी इस वार्ता में भाग लेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि वर्तमान स्थिति में सभी बंधकों की रिहाई सबसे करीब है।
क्षेत्रीय समर्थन और मानवीय स्थिति
मुस्लिम बहुल आठ देशों के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर संघर्ष विराम के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। उन्होंने गाजा में फलस्तीनी प्राधिकरण की वापसी, क्षेत्र का एकीकरण और सुरक्षा समझौते पर सहमति बनाने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि गाजा से इजराइल की पूर्ण वापसी सुनिश्चित हो सके।
मानवीय संकट और मृतकों का आंकड़ा
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संघर्ष में अब तक 67,139 लोग मारे गए हैं, जबकि लगभग 170,000 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि इनमें नागरिक हैं या लड़ाके, लेकिन कहा है कि मृतकों में लगभग आधी संख्या महिलाएं और बच्चे हैं। यह आंकड़ा क्षेत्र में मानवीय संकट की गंभीरता को दर्शाता है।











