न्यूयॉर्क में दिवाली समारोह के दौरान ममदानी की भारत और मोदी पर टिप्पणी
न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद के उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी ने दिवाली के अवसर पर हिंदू-अमेरिकी समुदाय से मुलाकात के दौरान फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह ऐसे भारत में पले-बढ़े हैं, जहां बहुलवाद का उत्सव मनाया जाता है। इससे पहले, महीनों पहले, ममदानी ने नरेंद्र मोदी को “युद्ध अपराधी” करार दिया था। इस बार भी, उन्होंने हिंदू अमेरिकी मतदाताओं से संवाद करते हुए मोदी की आलोचना का समर्थन किया और कहा कि वह ऐसे भारत में बड़े हुए हैं, जहां विविधता का सम्मान किया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी और भारत की राजनीतिक दिशा पर ममदानी का बयान
दीपावली के त्योहार के दौरान क्वींस के कई हिंदू मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे ममदानी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी पार्टी भाजपा भारत का नेतृत्व इस सोच के साथ कर रहे हैं कि देश में “केवल कुछ खास तरह के भारतीयों के लिए ही जगह है।” उन्होंने हिंदू-अमेरिकी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, “मैं श्री मोदी की आलोचना करता रहा हूँ क्योंकि मैं जिस भारत में बड़ा हुआ हूँ, वहां बहुलवाद का जश्न मनाया जाता है।” ममदानी ने स्पष्ट किया कि उनका मानना है कि भारत में सभी धर्म और समुदाय का सम्मान होना चाहिए, न कि केवल एक विशेष वर्ग का।
ममदानी का समर्थन और चुनावी रणनीति
न्यूयॉर्क शहर में अपने नवीनतम भाषण में, ममदानी ने उन मतदाताओं से अपील की जो प्रधानमंत्री मोदी के विचारों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ भी समान व्यवहार करेंगे, क्योंकि यह उनके जीवन में सीखे गए महत्वपूर्ण सबकों में से एक है। ममदानी ने यह भी बताया कि वह साढ़े आठ लाख निवासियों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिनमें से कई मोदी के खिलाफ हैं। उनका उद्देश्य है कि वे सभी का सम्मान करें और शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
गुजरात दंगों और मोदी पर विवादित बयान
ममदानी ने 2002 के गुजरात दंगों को लेकर भी विवादित बयान दिया था, जब उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय मुसलमानों का बड़े पैमाने पर सफाया किया गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद, उन्होंने कहा कि हिंसा के बाद की स्थिति इतनी भयावह थी कि लोग अब भी मानने को तैयार नहीं हैं कि वे मौजूद हैं।
मेयर पद के चुनाव से पहले, ममदानी ने मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तुलना करते हुए उन्हें “युद्ध अपराधी” कहा। चुनावी दौड़ में अभी कुछ ही सप्ताह बचे हैं, और ममदानी अपनी भारतीय जड़ों पर गर्व करते हुए, हिंदू-अमेरिकी मतदाताओं का समर्थन पाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, उनके विरोधी उम्मीदवार एंड्रयू कुओमो और कर्टिस स्लीवा के मुकाबले, ममदानी की स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण है। भारतीय-अमेरिकी समुदाय में उनके बयान और भारत में उनके दावों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।











