अफगानिस्तान में भूकंप का कहर: जानमाल का नुकसान
अफगानिस्तान के समांगन और बल्ख प्रांतों में बीती रात लगभग एक बजे भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 15 लोगों की जान चली गई है और करीब 320 लोग घायल हुए हैं। अभी भी राहत कार्य जारी है, जिससे मृतकों और घायलों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने जानकारी दी है कि यह भूकंप मज़ार-ए-शरीफ़ के पास 28 किलोमीटर की गहराई पर आया था, जहां की आबादी लगभग 523,000 है।
प्रभावित क्षेत्र और राहत कार्य
मजार-ए-शरीफ़ के पास उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र में इस भूकंप का असर सबसे अधिक देखा गया है। समांगन के स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता समीम जोयांदा ने रॉयटर्स को बताया कि अब तक 150 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं और सात नागरिकों की मौत हो चुकी है। इन घायलों को तुरंत ही स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि बल्ख और समांगन प्रांत के कुछ हिस्से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जिससे कई नागरिकों की जान गई है।
राहत और बचाव कार्यों का संचालन
रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, सेना और आपातकालीन सेवाएं तुरंत ही प्रभावित इलाकों में पहुंच गई हैं। बचाव दल घायलों को अस्पताल पहुंचाने और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अभियान चला रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शर्फत ज़मान ने कहा है कि राहत कार्य अभी भी सक्रिय हैं और मृतकों तथा घायलों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है। साथ ही, यूएसजीएस ने अपने सिस्टम में नारंगी अलर्ट जारी किया है, जो संकेत देता है कि इस भूकंप का प्रभाव व्यापक हो सकता है और हताहतों की संख्या अधिक हो सकती है।
अफगानिस्तान की भूकंप संवेदनशीलता और ऐतिहासिक संदर्भ
अफगानिस्तान भूकंप के प्रति अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र है, क्योंकि यह दो सक्रिय दरारों पर स्थित है, जिनके टूटने से व्यापक तबाही हो सकती है। अगस्त के अंत में, इस देश में आए भूकंप और तेज़ झटकों में 2200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और हजारों घायल हुए थे। इस बार के अलर्ट में भी चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसी घटनाएं फिर से होती हैं, तो क्षेत्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर तत्काल प्रतिक्रिया आवश्यक हो सकती है। बल्ख प्रांत के प्रवक्ता हाजी ज़ैद ने बताया कि भूकंप ने मज़ार-ए-शरीफ़ के पवित्र दरगाह के एक हिस्से को नुकसान पहुंचाया है। सोशल मीडिया पर मलबे में फंसे लोगों को बचाने के प्रयासों और गिर चुकी इमारतों की तस्वीरें साझा की जा रही हैं, जिनमें बचावकर्मी मलबे से शवों को निकालते देखे जा सकते हैं।











