श्रीलंका में साइक्लोन ‘दितवाह’ से भारी तबाही, राहत कार्य जारी
साइक्लोन ‘दितवाह’ के कारण श्रीलंका में व्यापक बाढ़, भूस्खलन और विनाशकारी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते अब तक 212 लोगों की जान चली गई है, जबकि अभी भी 218 लोग लापता हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र के ताजा आंकड़ों के अनुसार, खराब मौसम के कारण लगभग 10 लाख लोग और 273,606 परिवार प्रभावित हुए हैं।
भारत की मानवीय सहायता और राहत प्रयासों का विस्तार
भारत ने अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत श्रीलंका को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के माध्यम से युद्ध स्तर पर मानवीय सहायता प्रदान की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के करीब 80 जवान श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ मिलकर राहत अभियान चला रहे हैं। भारतीय वायु सेना के दो ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, C-130J और IL-76, शनिवार को कोलंबो पहुंचकर लगभग 21 टन आवश्यक राहत सामग्री पहुंचा चुके हैं। इसके अलावा, भारतीय नौसेना का जहाज INS सुकन्या भी मानवीय सहायता लेकर विशाखापत्तनम से रवाना हो चुका है और जल्द ही श्रीलंका पहुंचने की उम्मीद है।
बचाव अभियान में भारतीय सेना और वायु सेना की सक्रिय भागीदारी
भारतीय वायु सेना ने फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए कई साहसी ऑपरेशन किए हैं। हेलीकॉप्टरों ने गरुड़ कमांडो की मदद से कोटमाले के प्रतिबंधित क्षेत्र से 24 भारतीय और विदेशी नागरिकों को सुरक्षित कोलंबो पहुंचाया। इसी तरह, तीन गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को भी तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए रवाना किया गया। इसके अतिरिक्त, विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर तैनात चेतक हेलीकॉप्टरों ने भी राहत कार्यों में भाग लिया। शनिवार को एक चेतक टीम ने छत पर फंसे चार लोगों के परिवार को सफलतापूर्वक बचाया। भारतीय वायु सेना ने राहत अभियानों में मदद के लिए दियाथलावा आर्मी कैंप से श्रीलंकाई सेना के 40 जवानों को भी एयरलिफ्ट किया है।










