हांगकांग में कार्गो विमान का रनवे से फिसलना और दुर्घटना
हांगकांग के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार तड़के एक बड़ा हादसा हुआ, जब एक कार्गो विमान रनवे से फिसलकर समुद्र में गिर गया। यह घटना लगभग सुबह 3:50 बजे हुई, जब दुबई से आ रहा बोइंग 747 विमान लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो बैठा। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार क्रू सदस्य सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाए गए हैं।
घटना का विस्तृत विवरण और विमान का परिचालन
मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार, इस विमान में चार क्रू सदस्य सवार थे, जिन्हें सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया है। वहीं, पुलिस ने बताया कि रनवे के पास मौजूद ग्राउंड वाहन में सवार दो लोग इस हादसे में मृत पाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि हांगकांग का यह एयरपोर्ट एशिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, और इस घटना के कारण एक रनवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
देखने में आया कि विमान का पिछला हिस्सा, जिसमें टेलफिन शामिल है, पानी में डूबा हुआ था। यह विमान 32 वर्ष पुराना है और तुर्की की कार्गो एयरलाइन AirACT द्वारा एमिरेट्स के लिए संचालित किया जा रहा था। उड़ान संख्या EK9788 के तहत यह दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुआ था। एमिरेट्स ने पुष्टि की है कि क्रू सुरक्षित हैं और विमान में कोई कार्गो नहीं था।
ऐतिहासिक संदर्भ और अन्य संबंधित घटनाएँ
यह घटना हांगकांग एयरपोर्ट के 27 वर्षों के इतिहास में सबसे गंभीर दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है। 1999 में चीन एयरलाइंस का एक विमान तूफान के कारण रनवे से फिसलकर उल्टा गिर गया था, जिसमें तीन यात्रियों की मौत हुई थी। इसी तरह, पुराने कैई टक एयरपोर्ट पर एक 747 विमान पानी में गिर गया था, जिससे कई लोग घायल हो गए थे।
ढाका हवाई अड्डे पर आग और व्यापारिक नुकसान
इसी बीच, ढाका (Dhaka) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को कार्गो क्षेत्र में भीषण आग लग गई, जिससे देश के प्रमुख वस्त्र निर्यातकों का माल भारी नुकसान में आ गया। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस आग से व्यापार को लाखों डॉलर का नुकसान हो सकता है। आग लगने के कारण हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से बाधित हो गया, और रविवार को दमकल एवं प्रशासनिक टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं।
इन घटनाओं ने हवाई सुरक्षा और कार्गो संचालन की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है, और इनकी समीक्षा जारी है। वर्तमान में, इन दुर्घटनाओं का प्रभाव और सुरक्षा उपायों की समीक्षा महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।











