ब्रिटिश प्रधानमंत्री की भारत यात्रा का जियो-राजनीतिक महत्व
जब कोई देश अपने पड़ोसी या आंतरिक संकट से घिर जाता है, तो वह अक्सर भारत की ओर आश्रय की तलाश में आता है। इस संदर्भ में, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की भारत यात्रा विशेष महत्व रखती है, जो सामान्य प्रतीत होने वाली यात्रा से कहीं अधिक जटिल और रणनीतिक है। यह यात्रा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं है, बल्कि अमेरिका-भारत के बीच चल रहे टैरिफ वॉर के बीच एक नई आर्थिक दिशा का संकेत भी है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक और राजनयिक संबंधों को मजबूत करना है, साथ ही वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना है।
महाराष्ट्र में ब्रिटिश नेता का भव्य स्वागत और उच्चस्तरीय बैठकें
जैसे ही स्टार्मर मुंबई पहुंचे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान राज्यपाल आचार्य देवत्त भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात मुंबई के राजभवन में होगी, जिसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक के बाद, स्टार्मर प्रेस को संबोधित करेंगे और आगामी सहयोगी पहलों का रोडमैप प्रस्तुत करेंगे।
आर्थिक साझेदारी और डिजिटल वित्त में बढ़ावा
इसके बाद, स्टार्मर जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित सीईओ फोरम में भाग लेंगे, जहां दोनों देशों के व्यापारिक नेता आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। दोपहर में, वह ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में भी हिस्सा लेंगे, जो नवाचार और डिजिटल वित्तीय सेवाओं पर केंद्रित है। इस यात्रा का समापन 9 अक्टूबर को रात 11:30 बजे उनके प्रस्थान के साथ होगा। इस दौरान, दोनों नेता भारत-ब्रिटेन की व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति पर चर्चा करेंगे, जिसमें विज़न 2035 योजना का भी महत्वपूर्ण स्थान है। यह योजना जुलाई में हस्ताक्षरित भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। स्टार्मर इस दौरे पर 100 से अधिक व्यापारिक नेताओं, विश्वविद्यालय प्रमुखों और सांस्कृतिक हस्तियों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिनका मुख्य ध्यान भारत और ब्रिटेन के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने पर है।











