बांग्लादेश में विवादास्पद इस्लामी उपदेशक का आगमन तय
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासनकाल के नौ वर्षों बाद, अब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने एक बार फिर से एक विवादित इस्लामी उपदेशक और भारतीय भगोड़े जाकिर नाइक का स्वागत करने का निर्णय लिया है। यह फैसला उस समय आया है जब नाइक 28 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 तक पहली बार बांग्लादेश की यात्रा करेंगे। इस दौरान वे देशभर में कई प्रवचन और भाषण देंगे। सरकार ने इस एक महीने की यात्रा को मंजूरी प्रदान कर दी है, जिससे देश में राजनीतिक और धार्मिक चर्चाओं का माहौल गरम हो गया है।
जाकिर नाइक पर प्रतिबंध और उसके पीछे का कारण
2016 में ढाका में हुए होली आर्टिसन बेकरी आतंकी हमले के बाद, शेख हसीना की सरकार ने नाइक पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस समय, उनके सोशल मीडिया और पीस टीवी चैनल के माध्यम से सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने का आरोप था। इस हमले में 20 से अधिक लोग मारे गए थे, और हमलावरों में से एक ने दावा किया था कि नाइक के भाषणों से प्रेरित होकर उसने आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया। हालांकि, नाइक ने बार-बार इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि उनकी शिक्षाएँ शांति और सद्भावना को बढ़ावा देती हैं।
पाकिस्तान में नाइक का स्वागत और उसकी चर्चा
बांग्लादेश में नाइक के इस स्वागत की खबर ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान ने भी पिछले साल इसी तरह का स्वागत किया था। उस समय, नाइक को इस्लामाबाद में भव्य तरीके से सम्मानित किया गया था। उसकी यात्रा के दौरान, उसे कथित तौर पर आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सदस्यों से मिलते देखा गया था, जिनमें कमांडर मुज़म्मिल इकबाल हाशमी, मुहम्मद हारिस धर और फैसल नदीम शामिल थे। ये सभी 2008 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए थे। इस तरह की घटनाएँ नाइक की अंतरराष्ट्रीय संदिग्ध छवि को उजागर करती हैं, जबकि उसकी यात्रा को लेकर देश-विदेश में राजनीतिक बहसें जारी हैं।











