उत्तराखंड में बद्रीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू
उत्तराखंड के ऊपरी गढ़वाल क्षेत्र में आज मंगलवार को बद्रीनाथ मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे, जिससे इस वर्ष की चारधाम यात्रा का समापन हो जाएगा। इससे पहले गंगोत्री, केदारनाथ और यमुनोत्री के मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए गए हैं। इस साल लगभग 51 लाख श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों पर दर्शन करने पहुंचे, जिनमें से 2.74 लाख श्रद्धालु हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा भी गए।
श्रद्धालुओं की संख्या और यात्रा का महत्व
इस वर्ष केदारनाथ में 17.68 लाख, बद्रीनाथ में 16.47 लाख, गंगोत्री में 7.58 लाख और यमुनोत्री में 6.44 लाख श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। यह संख्या दर्शाती है कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा कितनी श्रद्धालु-आकर्षक और धार्मिक आस्था का केंद्र है। इन तीर्थ स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु न केवल धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता का भी आनंद लेते हैं।
धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती भूमिका
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का धार्मिक महत्व तो है ही, साथ ही यह क्षेत्र पर्यटन के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक इन पवित्र स्थलों का दर्शन करने आते हैं। इस वर्ष भी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखी गई, जो राज्य की आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि का संकेत है।











