सुल्तानपुर के बिरसिंहपुर अस्पताल में प्रमुख अधिकारी का निलंबन
सुल्तानपुर जिले के बिरसिंहपुर अस्पताल के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएस) डॉ. भास्कर प्रसाद पर कठोर कार्रवाई की गई है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के धरने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सरकार के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस बयान के बाद उन्हें निलंबित कर अयोध्या कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। निलंबन आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि उन्होंने प्रदेश सरकार के प्रति अनुचित भाषा का प्रयोग किया है।
बयान और उसके परिणाम
शनिवार को डॉ. भास्कर प्रसाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सरकार की अर्थी निकालने का बयान दिया था। इस विवादित टिप्पणी के बाद, शिकायत मिलने पर उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया। यह मामला सुल्तानपुर के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के 100 शैया अस्पताल का है, जहां डॉ. प्रसाद प्रभारी सीएमएस के रूप में कार्यरत थे। आम आदमी पार्टी के धरने के दौरान उन्होंने यह बयान दिया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। भाजपा मंडल अध्यक्ष शोभनाथ यादव की तहरीर पर जयसिंहपुर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
बयान के बाद से ही अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था और बदहाली को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दो दिन पहले धरना प्रदर्शन किया था। इस दौरान ही डॉ. भास्कर प्रसाद आप कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी तथा सरकार के खिलाफ अर्थी निकालने की बात कह दी। इस विवादास्पद टिप्पणी के कारण उन्हें निलंबित कर अयोध्या स्थानांतरित कर दिया गया है। साथ ही, भाजपा मंडल अध्यक्ष की तहरीर पर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यह घटना सरकारी अधिकारी के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।











