उत्तर प्रदेश में पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस ने पशु तस्करों के गिरोह के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। शुक्रवार की सुबह राबर्ट्सगंज कोतवाली और एसओजी की संयुक्त टीम ने दोमुहिया पुलिया के पास पशु तस्करों के साथ मुठभेड़ की। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में एक तस्कर के पैर में गोली लगी, जबकि तीन अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। घायल तस्कर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
पुलिस ने तस्करों को किया गिरफ्तार
एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देश पर चल रहे पशु तस्करी विरोधी अभियान के तहत यह सफलता मिली। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ पशु तस्कर पिकअप में गोवंश लादकर नौगढ़ के रास्ते बिहार भेज रहे हैं। जैसे ही पिकअप वाहन दोमुहिया पुलिया के पास पहुंचा, पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया। लेकिन तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली एक बदमाश जितेंद्र यादव (बिहार) के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। मौके से पुलिस ने एक पिकअप, पांच गोवंश, एक 315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया।
गिरोह का नेटवर्क और तस्करी का तरीका
पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी के तीन साथी-अबरार, मल्लू और हजरत-अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। सीओ रणधीर मिश्रा ने बताया कि यह गिरोह गोवंशों को बिहार ले जाकर कुख्यात तस्करों जैसे नाटे, मुखिया और हाफिज को सौंपता था, जो इन्हें पश्चिम बंगाल में वध के लिए भेजते हैं। घायल तस्कर ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह पहले भी कई बार तस्करी कर चुका है और गोवंशों को इसी गिरोह तक पहुंचाता था। पुलिस अब फरार तस्करों और गिरोह के बड़े नेटवर्क की तलाश में छापेमारी कर रही है।











