बागपत में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता का विवादित बयान
बागपत जिले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने एक सार्वजनिक सभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखे आरोप लगाए हैं। यह बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। भाटी ने अपने भाषण में कहा कि योगी आदित्यनाथ पढ़े-लिखे नहीं हैं और केवल मठ में दीपक जलाने और आरती करने का ही अभ्यास जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जाति के आधार पर निर्णय लेते हैं, जो कि प्रदेश में जातिवाद को बढ़ावा दे रहा है।
जाति आधारित राजनीति और पुलिस कार्रवाई पर आरोप
भाटी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में हर कार्य जाति के हिसाब से तय होता है। उन्होंने दावा किया कि यहां तक कि एनकाउंटर भी जाति देखकर किए जाते हैं, और यह तय किया जाता है कि गोली सिर में मारी जाए या पैर में, यह भी जाति के आधार पर तय किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर पुलिस की कार्रवाई तक हर स्तर पर जातिवाद हावी है। भाटी ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खुद जाति सम्मेलन पर रोक लगाने की बात करते हैं, लेकिन मंच से जाति की राजनीति को बढ़ावा देते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और माहौल का गर्माना
भाटी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल में गर्माहट आ गई है। भाजपा नेता इसे समाजवादी पार्टी की हताशा का प्रतीक मान रहे हैं, जबकि सपा समर्थक इसे जनता की आवाज करार दे रहे हैं। भाटी ने यह भी आरोप लगाया कि योगी सरकार हिंदू-मुस्लिम की संख्या गिनने और समाज में भेदभाव बढ़ाने का काम कर रही है। इस विवादित बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, और यह मुद्दा अब व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।











