उत्तर प्रदेश पुलिस की सख्त कार्रवाई: वसूली के खिलाफ कदम
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने सड़क पर वाहनों से अवैध वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है। इस कदम के तहत बांदा, चित्रकूट और कौशांबी जिलों के कुल 11 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मुख्य कार्रवाई और प्रभावित जिले
सबसे अधिक कठोर कदम चित्रकूट जिले में उठाए गए हैं, जहां तीन थानेदारों सहित पूरी टीम को निलंबित किया गया है। इनमें भरतकूप के इंस्पेक्टर, पहाड़ी थानाध्यक्ष और राजापुर थानाध्यक्ष शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक सब-इंस्पेक्टर और तीन सिपाही को भी निलंबित किया गया है।
संबंधित निलंबन और विभागीय कदम
बांदा जिले के बदौसा थाना प्रभारी और एक आरक्षी को भी निलंबित किया गया है। वहीं कौशांबी जिले के महेवाघाट थाने के एसओ और एक सिपाही पर भी कार्रवाई की गई है। इस तरह कुल 11 पुलिसकर्मियों में एक निरीक्षक, एक महिला उपनिरीक्षक, चार उपनिरीक्षक और पांच आरक्षी शामिल हैं।
पुलिस विभाग का सख्त रुख: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार या वसूली में शामिल किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहनों से अवैध वसूली जैसी घटनाएं पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, और इस पर कड़ी कार्रवाई के साथ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जा रही है।
आदेश और निगरानी के निर्देश
उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी पुलिस अधिकारी अपने अधीनस्थों की गतिविधियों पर नजर रखें और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त निगरानी सुनिश्चित करें। यह कदम पुलिस विभाग की विश्वसनीयता और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।











