मेरठ में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई का मामला
उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में इन दिनों अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रही बुलडोजर कार्रवाई सुर्खियों में है। यहाँ कई इमारतों और दुकानों को अवैध घोषित कर तोड़ा जा रहा है, जिनमें से सबसे अधिक चर्चा शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्केट स्थित कॉम्प्लेक्स की है। बीते दिनों इस कॉम्प्लेक्स को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया है। इसके अलावा कई अन्य भूखंडों पर भी तलवार लटक रही है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आइए विस्तार से जानते हैं इस विवादित कॉम्प्लेक्स की कहानी।
सेंट्रल मार्केट कॉम्प्लेक्स का इतिहास और कानूनी जटिलताएँ
सेंट्रल मार्केट कॉम्प्लेक्स शास्त्री नगर की प्लॉट संख्या 661/6 पर स्थापित है। इसे वर्ष 1990 से 1995 के बीच आवासीय जमीन पर व्यावसायिक रूप से विकसित किया गया था। यहाँ लगभग 22 दुकानदार वर्षों से अपने व्यवसाय चला रहे थे। 2014 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस कॉम्प्लेक्स को अवैध घोषित कर दिया और ध्वस्तीकरण का आदेश भी जारी किया।
हालांकि, व्यापारियों ने इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की, जो सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई। दिसंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम निर्णय में इस कॉम्प्लेक्स को अवैध करार दिया और तीन महीने के भीतर इसे गिराने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी।
आधिकारिक कार्रवाई और व्यापारियों का विरोध
मामले में अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कॉम्प्लेक्स बिना स्वीकृत नक्शे के बनाया गया था, इसलिए इसे वैध नहीं माना जा सकता। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में 67 अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। शहर में ऐसे 31 और अवैध व्यावसायिक परिसरों की सूची तैयार है, जिन पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, व्यापारियों का तर्क है कि उनकी दुकानों का पंजीकरण सभी वैध दस्तावेजों पर है। उनका दावा है कि बिजली कनेक्शन, रजिस्ट्री और जीएसटी पंजीकरण सभी कानूनी रूप से प्राप्त हैं। उनका कहना है कि अचानक हुई इस कार्रवाई से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। फिलहाल, जेसीबी, बड़ी ड्रिल मशीनें और बुलडोजर का इस्तेमाल कर इन परिसरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है।











