कानपुर में दर्दनाक आत्महत्या की घटना
कानपुर के कोहना क्षेत्र में एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के भांजे आलोक मिश्रा का 16 वर्षीय पुत्र आरव मिश्रा ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को गहरे आघात पहुंचाया है। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें आरव ने लिखा है कि उसे कुछ ‘आत्माएं’ परेशान कर रही हैं, जो उसे या तो अपने परिवार को मारने या खुद मरने के लिए कह रही हैं। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवार और मानसिक तनाव की स्थिति
जानकारी के अनुसार, आलोक मिश्रा अपनी पत्नी दिव्या, बेटी मान्या और बेटे आरव के साथ कोहना क्षेत्र में रहते हैं। आरव कक्षा 11 का छात्र था और हाल ही में मानसिक तनाव से गुजर रहा था। परिजनों ने बताया कि दीवाली से पहले आरव ने अपनी बहन को बताया था कि उसे अज्ञात लोगों के चेहरे दिखाई देते हैं, जो उसे धमकी देते हैं कि या तो परिवार को खत्म कर दो या खुद मर जाओ। उस समय परिवार ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।
घटना का विवरण और पुलिस जांच
छठ पूजा के दौरान आरव के माता-पिता भागलपुर गए हुए थे, जबकि उसकी बहन कॉलेज के हॉस्टल में थी। घर पर आरव अपनी दादी के साथ था। शाम को जब दादी ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पड़ोसियों की मदद से जब दरवाजा तोड़ा गया, तो आरव को पंखे से लटका पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। कोहना थानाध्यक्ष विनय तिवारी ने बताया कि यह आत्महत्या का मामला है और सुसाइड नोट में आत्माओं द्वारा सताए जाने का उल्लेख है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और जांच का दायरा
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। कई भाजपा विधायक और स्थानीय नेता सोमवार को परिवार से मिलने पहुंचे और अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दुखद घटना ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि आरव की मानसिक स्थिति क्या थी और क्या उसे किसी बाहरी दबाव या भ्रम की स्थिति ने इस कदम के लिए प्रेरित किया था।











