ममता कुलकर्णी के बयान से किन्नर अखाड़े में टकराव की शुरुआत
पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी द्वारा दाऊद इब्राहिम को लेकर दिए गए विवादित बयान के कारण किन्नर अखाड़े में भारी असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस विवाद ने अखाड़े को दो भागों में विभाजित कर दिया है। उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष टीना मां ने मंगलवार 4 नवंबर को प्रयागराज में नए सनातनी किन्नर अखाड़े की स्थापना का ऐलान किया है, जिसमें वह स्वयं महामंडलेश्वर के रूप में शामिल होंगी। इस नए अखाड़े में कामाख्या पीठाधीश्वर भवानी मां और अभिनेत्री श्रीगौरी सांमत भी जुड़ेंगी, जो सनातन धर्म और संस्कृत शिक्षा को पुनः स्थापित करने पर जोर देंगे।
विवाद का मुख्य कारण और धार्मिक एकता का संकट
टीना मां ने बताया कि किन्नर अखाड़े से अलग होने का मुख्य कारण ममता कुलकर्णी के दाऊद इब्राहिम को लेकर दिए गए बयान हैं, जो सनातन धर्म को मजबूत करने के बजाय विभाजन की दिशा में ले गए। उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी पर भी निशाना साधा और कहा कि वह इस मुद्दे पर मौन रहकर धर्म के प्रति अनादर कर रहे हैं। टीना मां ने स्पष्ट किया कि हम सनातन धर्म को मजबूत बनाने के लिए एकजुट हुए थे, लेकिन विचारधारा में मतभेद के कारण हमें यह नई राह अपनानी पड़ी।
नई पहल और धार्मिक मूल्यों का संरक्षण
कामाख्या पीठाधीश्वर भवानी मां ने पहले ही 2024 के महाकुंभ से पहले किन्नर अखाड़ा छोड़ दिया था। अब उन्होंने सनातनी किन्नर अखाड़े में शामिल होने का फैसला किया है। अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता श्रीगौरी सांमत ने कहा कि वह पहले भी इस अखाड़े की संस्थापक सदस्य थीं, लेकिन अब यह अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। उनका कहना है कि नया अखाड़ा सनातन धर्म, सांस्कृतिक मूल्यों और संस्कृत शिक्षा के संरक्षण पर केंद्रित रहेगा।
जूना अखाड़े से संबंध और आगामी धार्मिक आयोजन
टीना मां ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जूना अखाड़े से अपनी संबद्धता बनाए रखेंगी, और इसके संरक्षक महंत हरि गिरी महाराज के सान्निध्य में रहेंगी। नए अखाड़े के गठन के दौरान अयोध्या, कानपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, मिर्जापुर और वाराणसी के किन्नर अपने गुरुओं से आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य सनातन धर्म और संस्कृत शिक्षा को पुनः जीवंत करना है।











