ग्रेटर नोएडा में दलित किशोर की मौत से तनाव फैल गया
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र में 17 वर्षीय दलित किशोर अनिकेत की मौत के बाद शुक्रवार को माहौल काफी गरम हो गया। अनिकेत का निधन दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में हुआ। परिवार के अनुसार, 15 अक्तूबर को अपने जन्मदिन की खुशी मनाने के लिए वह अपने चाचा सुमित और भाई के साथ सैय्यद का तालाब क्षेत्र गया था। उसी दौरान कुछ युवकों ने पुराने विवाद को लेकर उन पर हमला कर दिया। इस हमले में अनिकेत और उसके चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद अस्पताल में हुई मौत और गांव में गुस्सा
घटना के तुरंत बाद दोनों को ग्रेटर नोएडा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में अनिकेत की हालत बिगड़ने पर उसे जिम्स अस्पताल और फिर दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। शुक्रवार तड़के चार बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जैसे ही मौत की खबर फैली, रबूपुरा गांव में मातम और गुस्सा फैल गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के कारण किशोर की जान गई।
स्थानीय लोगों का आक्रोश और पुलिस कार्रवाई
सुबह करीब साढ़े सात बजे ग्रामीण महाराणा प्रताप चौक पर पहुंचकर सड़क पर बैठकर हंगामा करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। इस दौरान डीसीपी साद मियां खान मौके पर पहुंचे और जल्द से जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। दो घंटे के जाम और हंगामे के बाद ग्रामीण शांत हुए और यातायात सामान्य हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर रबूपुरा, जेवर और इकोटेक थाने की पुलिस तैनात रही।
सरकार और प्रशासन का आश्वासन, जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक किशोर के पिता सतीश से फोन पर बात की और कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने भी परिवार से संवाद किया और मुख्यमंत्री से बात कराई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर हत्या के प्रयास की धाराओं को हत्या में बदल दिया है। आरोपियों की तलाश जारी है।











