झांसी में आठ वर्षीय बच्चे की हत्या का दिल दहला देने वाला मामला
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक अत्यंत जघन्य घटना प्रकाश में आई है, जिसमें महज आठ साल के बच्चे की हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। बच्चे का नाम मुकेश था और वह गांव के सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था। घटना का मुख्य कारण पैसे का विवाद बताया जा रहा है, जिसने परिवार के भीतर तनाव को जन्म दिया।
पैसे के विवाद में मासूम की हत्या और शव का छुपाना
पुलिस के अनुसार, लहचूरा थाना क्षेत्र में बीते शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बच्चे का शव घर के भूसे के कमरे में मिला। घटना के समय बच्चे के माता-पिता खेत पर थे, जबकि घर में दादा-दादी मौजूद थे। आरोप है कि दादा सरमन ने गुम हुए कुछ रुपए को लेकर पोते पर शक किया और उससे डांट फटकार की। जब बच्चे ने जवाब दिया, तो गुस्से में आकर उसने बच्चे का गला घोंट दिया। हत्या के बाद, आरोपी ने शव को छुपाने के लिए घर के भूसे में डाल दिया।
पुलिस की सख्त पूछताछ और खुलासा
हत्या के बाद, आरोपी दादा घबरा गया और शव को छुपाने के लिए घर के भूसे में डाल दिया। इसके बाद वह खेत पर जाकर वापस आया और परिजनों के साथ मिलकर बच्चे की खोज का नाटक करने लगा। लगभग आठ घंटे की खोजबीन के बाद, पुलिस और ग्रामीणों ने शव को घर के भूसे के कमरे में पाया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बच्चे की हत्या गला घोंटकर की गई थी।
शव मिलने पर, दादा सरमन का व्यवहार अत्यंत असामान्य था। उसके चेहरे पर न तो कोई आंसू थे और न ही पछतावे का भाव। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि बच्चे अक्सर उसके पैसे चुराकर अपनी मां को दे देता था, जिससे घर में झगड़ा होता था। इस गुस्से में उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
झांसी के एसपी ग्रामीण ने बताया कि 4 अक्टूबर को बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। शव मिलने और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि के बाद, आरोपी दादा सरमन को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने कबूल किया कि उसने गुस्से में आकर बच्चे का गला घोंटा और शव को भूसे में छुपाया। इस जघन्य अपराध में आरोपी को साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया। मुकेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।











