प्रयागराज में देवउठनी एकादशी का उल्लासपूर्ण उत्सव
संगम नगरी प्रयागराज में शनिवार को देवउठनी एकादशी का त्योहार बड़े ही श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर बलुआ घाट पर हजारों दीयों की रोशनी से पूरा तट जगमगा उठा। यमुना नदी के किनारे दीप जलाने वालों की भीड़ उमड़ी और भक्तों ने मां यमुना से सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बलुआ घाट पर दीपों का अद्भुत दृश्य
कार्तिक मास की इस पावन एकादशी पर प्रयागराज का बलुआ घाट स्वर्ग जैसी सुंदरता का अनुभव करा रहा था। घाट की सीढ़ियों पर सजे दीपों की रोशनी मानो आसमान के तारों को धरती पर उतार लाई हो। हर ओर दीपों की झिलमिलाहट और भक्तों के चेहरे पर भक्ति का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कई श्रद्धालुओं ने इस मनमोहक दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया।
महाआरती और महिला क्रिकेट टीम की जीत की कामना
इस शुभ अवसर पर वैदिक ब्राह्मणों ने मां कालिंदी की भव्य महाआरती का आयोजन किया। खास बात यह रही कि इस दौरान महिलाओं ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फाइनल मैच में जीत की कामना की। उन्होंने अपने हाथों में टीम इंडिया की महिला खिलाड़ियों के पोस्टर थामे और नारे लगाते हुए मां यमुना से विश्व कप जीत की प्रार्थना की। भारतीय टीम ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई है।
धार्मिक परंपरा और पौराणिक महत्व का संगम
देवउठनी एकादशी का सनातन धर्म में विशेष स्थान है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु निद्रा से जागते हैं और चातुर्मास का समापन होता है। इसी दिन से शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन तुलसी और शालिग्राम का विवाह भी हुआ था। इसलिए यमुना तट पर दीपदान को अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है।











