उत्तर प्रदेश के देवरिया में मेडिकल कॉलेज में पानी टंकी में शव मिलने का मामला
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की पानी टंकी में एक शव मिलने से हड़कंप मच गया है। इस घटना ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। खास बात यह है कि अस्पताल में इलाज करा रहे कई लोगों ने इस पानी का सेवन भी किया था, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
घटना का विवरण और प्रभावित लोगों की प्रतिक्रिया
पानी टंकी में शव मिलने की खबर के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों ने बताया कि शव काफी दिनों से पानी में पड़ा था। कुछ मरीजों ने बताया कि उन्हें उल्टी जैसी समस्या हो रही है, जिससे उनके मन में संक्रमण का डर पैदा हो गया है। वार्ड में भर्ती मरीजों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकांश ने बोलने से इनकार कर दिया। वहीं, जो हाल ही में डिस्चार्ज हुए हैं, उन्होंने इस घटना के बारे में खुलकर बात की।
रुखसाना नाम की महिला ने बताया कि उनके बेटे का 29 सितंबर को हर्निया का ऑपरेशन हुआ था और 2 अक्टूबर को वह अस्पताल से घर लौटे थे। जब वे टांका कटवाने आए, तो उन्हें शव की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि उन्हें डर लग रहा है कि पानी पीने से संक्रमण फैल सकता है।
सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा के सवाल
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि शव की पहचान नहीं हो पाई है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इस बीच, अस्पताल के सुरक्षा प्रबंधों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। टंकी पर ताला लगाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस घटना को बहुत गंभीर माना है। देवरिया से भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने निरीक्षण किया और कहा कि इस घटना में एक निष्पक्ष जांच हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि शव किसकी थी, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। जांच जारी है और अस्पताल में पानी की व्यवस्था के लिए वैकल्पिक टैंकर भी लगाया गया है।
प्रशासनिक कदम और आगे की कार्रवाई
घटना के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत ही कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम दिव्या मित्तल ने मौके का निरीक्षण किया और प्राचार्य से रिपोर्ट मांगी। साथ ही, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने प्राचार्य को लखनऊ स्थानांतरित कर दिया है। उनकी जगह नई प्राचार्य की नियुक्ति कर दी गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बनी पानी की टंकी को साफ करने का काम शुरू किया गया है। फोरेंसिक टीम और फायर ब्रिगेड की मदद से शव को बाहर निकाला गया। अभी शव की पहचान नहीं हो सकी है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।











