बहराइच में भेड़ियों का आतंक बढ़ता जा रहा है
बहराइच के कैसरगंज तहसील में पिछले कुछ दिनों से भेड़ियों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। दो भेड़ियों ने मात्र 12 घंटे के भीतर पांच लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें सभी घायल हो गए। वन विभाग की टीम ने एक भेड़िए को गोली मारकर घायल कर दिया है, और उसकी खोज के लिए ड्रोन और कैमरा ट्रैप का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने रात्री पहरा शुरू कर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इस आतंक के कारण क्षेत्र में सुरक्षा की चिंता गहरा गई है।
वन विभाग की कार्रवाई और खोज अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) राम सिंह यादव के अनुसार, पहले से ही भेड़िया प्रभावित इलाकों में गश्त कर रही टीमें सक्रिय थीं। शाम करीब 5:15 बजे कोनिया गांव के पास एक टीम ने देखा कि एक भेड़िया एक युवक पर हमला करने की कोशिश कर रहा था। वन विभाग के शूटर ने तत्काल गोली चलाई, जिससे भेड़िया पिछली टांग में गोली लगने से घायल हो गया। इसके बाद वह नदी किनारे जंगल की ओर भाग गया।
खूनी हमले और सुरक्षा उपाय
घायल भेड़िए की खोज के लिए ड्रोन और कैमरा ट्रैप का सहारा लिया जा रहा है। उसके पंजों के निशान भी मिले हैं, जिससे आशंका है कि वह या तो मर चुका है या गंभीर रूप से घायल है। विभाग का मुख्य उद्देश्य उसे जिंदा पकड़ना है। फिलहाल, ऐसा प्रतीत होता है कि क्षेत्र में केवल एक सक्रिय भेड़िया है और शनिवार शाम तक कोई नया हमला नहीं हुआ है। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों को छह सेक्टरों में बांट दिया है, जिनमें करीब 30 टीमें और 21 टास्क फोर्स लगातार सर्च अभियान चला रही हैं। ग्रामीणों ने भी अपनी सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है और रात में टॉर्च और डंडों से लैस निगरानी दल बना लिया है।
सरकार का आदेश और पूर्व की घटनाएं
गौरतलब है कि 9 सितंबर से अब तक बहराइच में भेड़ियों के हमलों में छह लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें चार बच्चे और एक वृद्ध दंपति शामिल हैं। लगभग 30 लोग घायल हुए हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बचाव और नियंत्रण अभियान का आदेश दिया है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि यदि जिंदा पकड़ने का प्रयास असफल हो, तो आवश्यकतानुसार घातक कार्रवाई की जा सकती है।
पिछले वर्ष मानसून के दौरान महसी तहसील में भी भेड़ियों के झुंड ने आतंक मचाया था, जिसमें नौ लोगों की जान चली गई थी। उस समय भी वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त कार्रवाई से खतरे पर काबू पाया गया था। अब फिर से कैसरगंज और आसपास के इलाकों में भेड़ियों का आतंक फैल रहा है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बच्चे अकेले बाहर न जाएं और रात्रि में समूह में ही आवाजाही करें ताकि इस खतरनाक स्थिति से बचा जा सके।











