इलाहाबाद विश्वविद्यालय में रैगिंग के खिलाफ कठोर कदम
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने रैगिंग के आरोप में 16 छात्रों को तत्काल निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी कि इन छात्रों पर सर सुन्दरलाल होस्टल में रैगिंग करने का आरोप था। साथ ही, इन छात्रों को शोकॉज नोटिस भी जारी किया गया है। यह कार्रवाई रैगिंग की शिकायत के बाद की गई है, जिससे विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
रैगिंग की जांच और कार्रवाई का क्रम
प्रोफेसर राकेश सिंह के आदेश पर एक विशेष एंटी-रैगिंग स्क्वॉड ने 9 अक्टूबर को सर सुन्दरलाल होस्टल का अचानक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण रैगिंग की शिकायत मिलने के बाद किया गया था। जांच के दौरान कई छात्रों को रैगिंग में संलिप्त पाया गया। इस मामले में एक अनुशासन समिति का गठन किया गया, जिसने अपनी रिपोर्ट में 16 छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की। विश्वविद्यालय ने इस सिफारिश को स्वीकार करते हुए छात्रों को तुरंत निलंबित कर दिया और होस्टल से बाहर निकालने का आदेश भी जारी किया।
छात्रों को सुनवाई का अवसर और विश्वविद्यालय की चेतावनी
निलंबित छात्रों को 30 अक्टूबर को जांच समिति के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, उनके माता-पिता या अभिभावकों को भी साथ लाने को कहा गया है। छात्रों को अपनी पहचान पत्र के साथ अपनी सफाई लिखित रूप में प्रस्तुत करनी होगी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग जैसी घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि एक सुरक्षित और सकारात्मक अध्ययन वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। यह कदम छात्रों में अनुशासन बनाए रखने और रैगिंग जैसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।











