टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद शिवम दुबे का गुप्त यात्रा प्रयास
टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में शानदार प्रदर्शन के बाद जब पूरा स्टेडियम भारत के क्रिकेटर शिवम दुबे के समर्थन में नारे लगा रहा था, उस समय वह चुपचाप मुंबई लौट रहे थे। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जीत का जश्न समाप्त होने के कुछ ही घंटों बाद, दुबे अहमदाबाद-मुंबई सायाजी एक्सप्रेस के एसी 3-टियर कोच में ऊपरी बर्थ पर रेलवे के भूरे कंबल में छिपे हुए थे। दरअसल, मुंबई जाने वाली सभी फ्लाइट्स पहले ही पूरी तरह से बुक हो चुकी थीं। ऐसे में उन्होंने अपने परिवार से मिलने के लिए ट्रेन का सहारा लिया।
सुरक्षा के लिए बनाई खास योजना और पहचान छिपाने का तरीका
शिवम दुबे ने बताया कि ट्रेन से यात्रा करना आसान नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं लोग उनकी पहचान न कर लें। उन्होंने कहा, “फ्लाइट्स नहीं मिल रही थीं, इसलिए सुबह की ट्रेन से मुंबई जाने का फैसला किया। टिकट मिलते ही तुरंत बुक कर लिए। परिवार और दोस्तों को चिंता थी कि कहीं स्टेशन या ट्रेन में लोग पहचान न लें।” अपने परिचय को छुपाने के लिए उन्होंने कैप, मास्क और फुल स्लीव टी-शर्ट पहनी थी। ट्रेन सुबह 5:10 बजे रवाना होनी थी, इसलिए उम्मीद थी कि प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भीड़ नहीं होगी। लेकिन वहां कई क्रिकेट प्रशंसक मौजूद थे, जो अभी भी भारत की जीत का जश्न मना रहे थे।
सावधानी बरतते हुए पहचान छिपाने और मुंबई पहुंचने पर पुलिस की मदद
स्थिति को ध्यान में रखते हुए दुबे ने एक और योजना बनाई। वे ट्रेन छूटने से पांच मिनट पहले तक कार में ही बैठे रहे और फिर तेजी से ट्रेन में चढ़ गए। कोच में पहुंचते ही वे अपनी ऊपरी बर्थ पर चढ़ गए। थोड़ी देर बाद टिकट चेकर आया और पूछा, “शिवम दुबे? वह क्रिकेटर?” इस पर उनकी पत्नी अंजुम ने तुरंत जवाब दिया, “नहीं, नहीं… वह यहां से कैसे आएगा?” इसके बाद टीटी आगे बढ़ गया और दुबे की पहचान छिपी रही।
मुंबई पहुंचने पर उन्होंने पुलिस की मदद ली। लगभग आठ घंटे की यात्रा के दौरान दुबे ने अपनी बर्थ पर ही रहना बेहतर समझा। रात में जब वे वॉशरूम गए, तब भी किसी ने उन्हें नहीं पहचाना। हालांकि, बोरीवली स्टेशन पर उतरते समय भीड़ का खतरा था, इसलिए उन्होंने पुलिस से सुरक्षा मांगी। पुलिस ने पहले सोचा कि वे एयरपोर्ट पर उतरेंगे, लेकिन जब उन्हें ट्रेन से आने की जानकारी मिली, तो स्टेशन पर एस्कॉर्ट की व्यवस्था कर दी गई। इससे वे आराम से बाहर निकल सके।
वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन और परिवार से मिलना
टी20 वर्ल्ड कप में शिवम दुबे का प्रदर्शन बहुत प्रभावशाली रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 235 रन बनाए, जिनका औसत 39 और स्ट्राइक रेट 169 रहा। फाइनल में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई और आखिरी ओवर में केवल आठ गेंदों पर 26 रन बनाकर भारत को 250 के पार पहुंचाने में मदद की। इस दौरान उन्होंने 17 छक्के और 15 चौके लगाए। कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन्हें टीम में विशेष स्थान दिया था, खासकर रन रेट बनाए रखने और गेंदबाजी में विपक्षी टीम के रन रोकने के लिए।
लंबी यात्रा के बाद दोपहर तक शिवम दुबे मुंबई अपने घर पहुंच गए। उनके बेटे अयान और बेटी मेहविश उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इस तरह, टी20 वर्ल्ड कप का हीरो आखिरकार अपने परिवार के पास पहुंच गया, जबकि रेलवे का भूरा कंबल ट्रेन में ही रह गया।











