IPL में आखिरी ओवर की गलती पर चर्चा तेज
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के हालिया मुकाबले में डेल्ही कैपिटल्स (Delhi Capitals) को गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) के खिलाफ एक रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार का कारण आखिरी ओवर में हुई एक छोटी सी गलती को माना जा रहा है, जब डेविड मिलर (David Miller) ने दूसरी अंतिम गेंद पर सिंगल लेने से इनकार कर दिया। इस निर्णय के कारण नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) को स्ट्राइक नहीं मिल सकी। अंत में, अंतिम गेंद पर मिलर शॉट नहीं खेल सके और कुलदीप रन आउट हो गए, जिससे गुजरात को इस सीजन की पहली जीत मिली।
गावस्कर का मिलर का समर्थन और उनके फैसले का विश्लेषण
भारत के पूर्व बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने मिलर का बचाव करते हुए कहा कि खिलाड़ी ने खुद मैच को खत्म करने का फैसला किया था। गावस्कर ने कहा, “मिलर का उद्देश्य था कि वह खुद जीत के रन बनाना चाहते थे। बाद में देखने पर यह लग सकता है कि उन्हें सिंगल दे देना चाहिए था, लेकिन उस समय उन्हें अपने ऊपर भरोसा था। इस निर्णय में उनकी गलती नहीं कही जा सकती।” साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि प्रिसिध कृष्णा (Prasidh Krishna) ने भी उस समय शानदार गेंदबाजी की थी।
पेटर्सन का समर्थन और आखिरी ओवर की रणनीति पर बहस
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पेटर्सन (Kevin Pietersen) ने भी मिलर का समर्थन किया। उनका मानना है कि मिलर को भरोसा था कि वह अंतिम गेंद पर कम से कम एक रन जरूर बना लेंगे या फिर बड़ा शॉट खेलेंगे। पेटर्सन ने कहा, “उनका सोच स्पष्ट था कि या तो सिंगल मिलेगा या बड़ा शॉट। उन्होंने टीम को जीत के करीब पहुंचाया, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।” इस फैसले के बाद आईपीएल में दबाव वाली परिस्थितियों में आखिरी ओवर की रणनीति को लेकर बहस शुरू हो गई है। हालांकि, गावस्कर और पेटर्सन दोनों का मानना है कि मिलर का आत्मविश्वास गलत नहीं था और केवल परिणाम के आधार पर उनकी आलोचना नहीं करनी चाहिए।











