घर में वास्तु के अनुसार शुभ वस्तुएं कैसे रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की ऊर्जा और दिशाओं का सही उपयोग जीवन, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालता है। यदि घर में सही स्थान और दिशा में उचित वस्तुएं रखी जाएं, तो यह सुख और समृद्धि को आकर्षित करती हैं। आइए जानते हैं कि किन दिशाओं में कौन-कौन सी वस्तुएं रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और धन की वृद्धि होती है।
तुलसी और जल से भरा कलश का महत्व
तुलसी को केवल एक पौधा नहीं बल्कि तुलसी माता का दर्जा प्राप्त है। यदि इसे घर के आंगन या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाया जाए, तो यह न केवल वातावरण को शुद्ध करता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी सुनिश्चित करता है। मान्यता है कि जहां तुलसी का पौधा रोज पूजा जाता है, वहां घर के सदस्यों के बीच प्रेम और सद्भाव बना रहता है।
साथ ही, घर के उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में जल से भरा कलश रखने से जीवन में सुख-समृद्धि और वैभव का संचार होता है। जल तत्व का संतुलन घर में नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है। कुछ लोग इस कलश में चंदन, लौंग या फूल भी रखते हैं ताकि ऊर्जा और भी अधिक सकारात्मक बनी रहे।
शंख, स्वास्तिक और धातु घंटी का वास्तु में स्थान
शंख समुद्र से निकला एक पवित्र प्रतीक है, जिसे लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसे मां लक्ष्मी की प्रतिमा के दाहिनी ओर रखना शुभ माना जाता है। पूजा के समय शंख बजाना अत्यंत शुभ होता है, क्योंकि इसकी ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर वातावरण को शुद्ध कर देती है।
हिंदू धर्म में स्वास्तिक को शुभता, मंगल और सफलता का प्रतीक माना जाता है। इसे घर के मुख्य द्वार या पूजा स्थल पर उत्तर-पूर्व या उत्तर दिशा में बनाना सबसे अच्छा माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और निरंतर प्रगति का संकेत मिलता है।
पीतल या तांबे की घंटी भी घर में ऊर्जा का संचार करने के लिए महत्वपूर्ण है। इन्हें उत्तर-पूर्व या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। घंटी बजाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।










