वास्तु शास्त्र में रसोई घर के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर में चकला और बेलन को मां अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। यदि इनका सही तरीके से उपयोग किया जाए और इन्हें उचित स्थान पर रखा जाए, तो घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है। गलत तरीके से इन वस्तुओं का स्थान या उपयोग घर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इनसे जुड़ी सही आदतें जानना जरूरी है। यहां रसोई में चकला-बेलन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण वास्तु उपाय दिए गए हैं, जो घर की खुशहाली को बढ़ाते हैं।
रोटी बनाते समय अपनाएं ये वास्तु नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रोटी बनाने के दौरान पहली रोटी गौमाता को अर्पित करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस रोटी में सभी देवताओं का वास होता है, जो घर में सुख-समृद्धि लाता है। इससे पितृदोष कम होता है और राहु-केतु की अशुभ ऊर्जा शांत होती है। साथ ही, यह परंपरा घर में अन्न और धन की कमी नहीं होने का संकेत भी है।
रोटी बनाने के बाद चकला-बेलन का सही स्थान और देखभाल
रोटी बनाने के बाद चकला और बेलन को गंदा छोड़ना या उल्टा रखना वास्तुदोष का कारण बनता है। इन्हें साफ-सुथरा कर सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। बेलन को चकले पर खड़ा या उल्टा लिटाना भी अशुभ माना जाता है, क्योंकि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है और नकारात्मकता बढ़ती है। इसके अलावा, गुस्से या चिड़चिड़ाहट में इन वस्तुओं को फेंकना भी अशुभ है, क्योंकि इससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और घर की बरकत कम हो जाती है। इसलिए इन्हें सदैव सम्मानपूर्वक रखना चाहिए।











