शनिवार को शनि पूजा का महत्व और लाभ
शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है, क्योंकि इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन की कई जटिलताएं दूर हो जाती हैं। इस दिन काले तिल, तेल और उड़द दाल का दान करने के साथ-साथ मंत्र जप का भी खास महत्व है। माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति श्रद्धा और सच्चे मन से शनिवार को शनि देव का व्रत और पूजा करता है, तो उसके जीवन में शांति और स्थिरता का वास होता है।
शनि मंत्र और पूजा विधि से प्राप्त होने वाले लाभ
शनि देव के बीज मंत्र “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” का जप शनिवार की सुबह काले तिल के दीपक के सामने 108 बार करने से अत्यंत प्रभावी परिणाम मिलते हैं। इस मंत्र का जप करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या जैसी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा, शनि गायत्री मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय विद्महे, छायापुत्राय धीमहि, तन्नः मंदः प्रचोदयात्” का जप मन की शांति, करियर में स्थिरता और जीवन में अनुशासन लाने में मदद करता है।
शनिवार के दिन विशेष पूजा और मंत्र जाप के उपाय
शनिवार को काले तिल, सरसों का तेल और उड़द दाल का दीपक जलाना चाहिए। साथ ही जरूरतमंदों को काला कपड़ा या उड़द दाल का दान करना शुभ माना जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि दोष स्वतः शांत हो जाता है। शनिवार को मंत्र जप का महत्व भी अत्यधिक है, क्योंकि इससे ग्रहों की स्थिति अनुकूल बनती है। शनि ग्रह कर्म, न्याय और अनुशासन के देवता हैं, इसलिए उनका नाम श्रद्धा से लेने पर मेहनत का फल अवश्य मिलता है। सूर्योदय के बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और काले तिल के दीपक के साथ “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जप करें।











