माघ मेले का दूसरा स्नान कब होगा
इस वर्ष माघ मेले का दूसरा स्नान 14 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। यह दिन खास इसलिए है क्योंकि इस दिन मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का भी शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन का स्नान और धार्मिक कर्मकांड श्रद्धालुओं को दोगुना पुण्य प्रदान करता है।
खास बात यह है कि यह दुर्लभ संयोग 23 वर्षों के बाद बन रहा है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बना देता है। श्रद्धालु गंगा और त्रिवेणी संगम में इस दिन पवित्र स्नान करेंगे, साथ ही मकर संक्रांति का भी पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
मकर संक्रांति का शुभ समय और महत्त्व
मकर संक्रांति के दिन पुण्यकाल दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शाम 5 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा, महापुण्यकाल दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगा, जिसमें स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का समय सुबह 4 बजकर 51 मिनट से 5 बजकर 44 मिनट तक है। मान्यता है कि इस समय स्नान करने से विशेष पुण्य और शुभ फल प्राप्त होते हैं।
माघ मेले में स्नान का धार्मिक महत्व
माघ मेले का आयोजन प्रयागराज (Prayagraj) के त्रिवेणी संगम में होता है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र स्थल है। इस मेले के दौरान किया गया स्नान पापों का नाश करता है और आत्मा को शुद्ध करता है। माघ मेले का पहला स्नान पौष पूर्णिमा के दिन, यानी 3 जनवरी को हुआ था। अब श्रद्धालु दूसरे स्नान की तिथि को लेकर उत्सुक हैं, जो 14 या 15 जनवरी को हो सकता है।











