माघ गुप्त नवरात्रि का महत्व और समय
माघ गुप्त नवरात्रि को अक्सर गुप्त नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। यह नौ दिवसीय त्योहार देवी मां के नौ अलग-अलग शक्तिरूपों की पूजा के लिए समर्पित है। यह पर्व मुख्य रूप से माघ माह में मनाया जाता है, जो सामान्यतः जनवरी या फरवरी में आता है। जबकि यह नवरात्रि अन्य पर्वों की तुलना में कम प्रसिद्ध है, इसका धार्मिक महत्व अत्यधिक है। विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में श्रद्धा और भक्ति के साथ इस पर्व का आयोजन किया जाता है। तंत्र साधना और गुप्त पूजा में रुचि रखने वाले साधक इस पर्व को विशेष मानते हैं। आइए, जानते हैं 2026 में माघ गुप्त नवरात्रि का पूरा विवरण।
2026 में माघ गुप्त नवरात्रि कब से शुरू और कब समाप्त होगी?
साल 2026 में यह पर्व 19 जनवरी से शुरू होकर 27 जनवरी तक चलेगा। वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी को रात 1:21 बजे से शुरू होकर 20 जनवरी को 2:14 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, 19 जनवरी 2026 को घटस्थापना के साथ इस शुभ पर्व की शुरुआत होगी।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और विशेष योग
गुप्त नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना से ही होती है। वर्ष 2026 में इस शुभ कार्य के लिए कुछ विशेष समय निर्धारित किए गए हैं। प्रातः 7:14 बजे से 10:46 बजे तक और दोपहर 12:11 बजे से 12:53 बजे तक ये शुभ मुहूर्त हैं। भक्त अपनी सुविधा अनुसार इन समयों में कलश स्थापना कर सकते हैं।
इसके अलावा, इस नवरात्रि के पहले दिन ही सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। यह योग 19 जनवरी को सुबह 11:52 बजे से शुरू होकर 20 जनवरी को सुबह 7:14 बजे तक रहेगा। इस योग में की गई पूजा, व्रत और साधना का विशेष फल प्राप्त होता है।
माघ गुप्त नवरात्रि क्यों है खास?
यह पर्व तंत्र साधना और गुप्त पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए यह समय अत्यंत शुभ होता है। साधक इस दौरान मंत्र जप, व्रत और साधना करते हैं, जिससे उन्हें विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस पर्व का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह गुप्त पूजा और तांत्रिक साधनाओं के लिए अनुकूल समय माना जाता है।










