देवउठनी एकादशी 2025 का शुभ अवसर और महत्त्व
देवउठनी एकादशी का पावन त्योहार हर साल की तरह इस बार भी भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह दिन भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने का प्रतीक है, जब वे अपने विश्राम से उठकर संसार में सुख-शांति और समृद्धि का संचार करते हैं। इस शुभ अवसर पर परिवार और मित्रों को हार्दिक शुभकामनाएं भेजना परंपरा का हिस्सा है, जिससे जीवन में खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
भगवान शालिग्राम और तुलसी का दिव्य मिलन
इस पावन पर्व पर भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का मिलन विशेष रूप से माना जाता है। यह मिलन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह घर में सुख, शांति और समृद्धि का संचार भी करता है। तुलसी विवाह और देवउठनी एकादशी का यह शुभ दिन घर में प्रेम और सद्भाव का वातावरण बनाता है, जिससे परिवार में एकता और सकारात्मकता का वास होता है।
खुशियों का माहौल और दिव्य आशीर्वाद
देवउठनी एकादशी के इस पावन दिन पर घर-घर में खुशियों के गीत गूंजते हैं। यह त्योहार जीवन में सुख, समृद्धि और आनंद का संचार करता है। भगवान विष्णु और मां तुलसी का आशीर्वाद हर कार्य में सफलता और खुशहाली लाता है। इस दिन का विशेष महत्व है कि यह जीवन से सभी परेशानियों को दूर कर देता है और हर इच्छा को पूरी करने का आशीर्वाद प्रदान करता है।











