मोक्षदा एकादशी व्रत का महत्व और शुभ मुहूर्त
मोक्षदा एकादशी का व्रत दिसंबर 2025 में पहले दिन मनाया जाएगा, जो मोक्ष प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन श्रीहरि (Vishnu) की पूजा कर मनोकामनाएं पूरी करने का विशेष महत्व है। इस व्रत का शुभ मुहूर्त 1 दिसंबर 2025 को सोमवार को सुबह 04 बजकर 10 मिनट से शुरू होकर 2 दिसंबर 2025 को सोमवार को दोपहर 02 बजकर 20 मिनट पर समाप्त होगा। इस व्रत को रखने से पूर्वजों को मोक्ष प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। पुराणों के अनुसार, इस व्रत का पालन करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और मनुष्यों के जीवन में सुख-शांति का वास होता है।
सफला एकादशी का महत्व और तिथि
दिसंबर माह की दूसरी एकादशी सफला एकादशी के नाम से जानी जाती है, जो पौष मास की कृष्ण पक्ष तिथि में पड़ती है। इस व्रत का अर्थ है सफलता और जीवन में प्रगति। इस दिन व्रत रखने से कार्यों में सफलता मिलती है और निराशा तथा नकारात्मकता दूर होती है। जो व्यक्ति इस व्रत का पालन करता है, उसके रुके हुए कार्य पूरे होते हैं। दिसंबर 2025 में यह व्रत 14 दिसंबर की रात 08 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर 15 दिसंबर की रात 10 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी। पारण का समय 16 दिसंबर 2025 को सुबह 07 बजकर 07 मिनट से 09 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।
पुत्रदा एकादशी का महत्व और तिथि
पुत्रदा एकादशी का व्रत उन दंपतियों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जो संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं। यह पौष शुक्ल पक्ष में पड़ती है और दिसंबर 2025 में 30 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस व्रत का शुभ मुहूर्त 29 दिसंबर 2025 को रात्रि 03 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 30 दिसंबर को रात्रि 01 बजकर 13 मिनट पर समाप्त होगा। व्रत का पारण 31 दिसंबर 2025 को प्रातः 07 बजकर 26 मिनट से 09 बजकर 31 मिनट तक किया जाएगा। श्रद्धापूर्वक व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और गृहस्थ जीवन में खुशहाली बढ़ती है।











